जैविक कृषि सुरक्षा

दीमक एक खतरनाक कीट एवं उसका नियंत्रण

 दीमक एक कटिबंधों में सबसे हानिकारक कीटों के हैं और कृषि के क्षेत्र में काफी समस्याएं, पैदा कर सकता है .दीमक कीड़े के एक समूह 2500 प्रजातियां है इनके घोंसलों भूमिगत होते  है,  इसके रोकथाम के लिए कुछ उपाय निम्न हैं 

१- मटका विधि :-

आवश्यक  सामग्री
     1-मक्का के भुट्टे की गिंड़याँ 
     2- मिटटी का घड़ा 
     3- सूती कपडा 

जरबेरा फूल की लाभदायक खेती

भूमिका-

जरबेरा एक विदेशी और सजावटी फूल का पौधा है जो पूरी दुनिया में उगाया जाता है और जिसे ‘अफ्रीकन डेजी’ या ‘ट्रांसवाल डेजी’ के नाम से जाना जाता है।  इस फूल की उत्पत्ति अफ्रीका और एशिया महादेश से हुई है और यह ‘कंपोजिटाए’ परिवार से संबंध रखता है। भारतीय महाद्वीप में, जरबेरा कश्मीर से लेकर नेपाल तक 1200 मीटर से लेकर 3000 मीटर की ऊंचाई तक पाया जाता है। इसकी ताजगी और ज्यादा समय तक टिकने की खासियत की वजह से इस फूल का इस्तेमाल पार्टियों, समारोहों और बुके में किया जाता है। भारत के घरेलु बाजार में इसकी कीमत काफी अच्छी है।

फसल चक्र के सिद्धान्त

फसल चक्र निर्धारण से पूर्व किसान को अपनी भूमि की किस्म फसल किस्म दैनिक आवश्यताएं लागत का स्वरूप तथा भूमि की उर्वरा शकित को बनाएं रखने के उददेश्य को ध्यान में रखना चाहिए । अत फसल चक्र अपनाते समय निम्न सिद्धान्तों का अनुसरण करना चाहिए । 1 दलहनी फसलों के बाद खाधान्न फसलें बोई जाये दलहनी फसलों की जड़ों में ग्रंथियां पाई जाती है जिनमें राइजोबियम जीवाणु पाये जाते हैं । हीमोग्लोबिन की उपसिथति से ये वायुमण्डलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती है। उदाहरण के लिए चनामक्का अरहरगेहूं मेथीकपास मूगगेहूं लोबियाज्वार आदि । इस हेतु रबी खरीफ या जायद में से किसी भी ऋतु में दलहनी फसल अवश्य लेना चाहिए । 2 गहरी जड़ व

उत्पादन कम होने के कारण

1970 तक देश के अधिकांश भागों में औसत उत्पादन स्तर अधिकांश विकसित व कई विकासशील देशों (इण्डोनेशिया, फ़िलिपीन्स, मेक्सिको, ब्राजील, ईसीएम के देश आदि) से भी काफ़ी कम रहा, किन्तु 'हरित क्रान्ति' एवं निरन्तर सरकार द्वारा कृषकों को लाभप्रद मूल्य दिलाने की प्रवृत्ति से कृषक अनेक प्रकार की नई तकनीकि अपनाते रहे हैं। रबी की फ़सल काल में सरसों एवं खरीफ मेंसोयाबीन व मूंगफली का बढ़ता उत्पादन सरकार द्वारा ऊँची कीमतें निर्धारित करने से ही सम्भव हो सका है। आज राजस्थान सरसों एवं तिल, गुजरात मूंगफली एवं मध्य प्रदेश सोयाबीन उत्पादक प्रमुख प्रदेश बन गये हैं। भाग्यवादी भारतीय किसान कृषि उत्पादन संबंधी उसे पर्या

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