जैविक कृषि सुरक्षा

ग्वारपाठा के पौधे के रोग

ग्वारपाठा या घृतकुमारी (aloevera) कांटेदार पत्तियों वाला पौधा हैं, जिसमें रोग को दूर करने के बहुत सारे गुण भरे होते हैं। यह भारत के गर्म जगहों में पाया जाने वाला एक बारहमासी पौधा हैं और लिलिएसी परिवार से संबंधित हैं। आयुर्वेद में इसे घृतकुमारी के नाम से जाना जाता है । ग्वारपाठा की 200 जातियां होती हैं, परंतु इसकी 5 जातियां ही मानव शरीर के लिए उपयोगी हैं। यह खून की कमी को दूर करता हैं तथा शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता हैं। पत्तियों का रस माइकोबैक्टीरियम क्षयरोग के विकास को रोकता हैं। यह एंटीइन्फ्लामेंटरी, एंटीसेप्टिक, एंटी अलसर, एंटी टूमओर और मधुमेह के उपचार में कारगर हैं। अर्द्ध ठो

जैविक खेती से फसलो की ज्यादा पैदावार और ज्यादा आय

फ़सल की लागत कम पानी कि मात्रा कम लगती है मृदा क संरचना सुधरती है जिस से फ़सल का विकास अच्छा होता है हर पर्यावरन सुधरता है मित्र कीटो के कारन उत्पादन बड़ता है

जैव तत्व के कारन फ़सल मे अन्य तत्व कि उपलब्धता बढ़ जाती है 

पौधो को जढ़ों तक हवा पानी अच्छे से मिलता है जिस से पौधा स्वस्थ होता है

नाइट्रोजन प्राकृतिक तरीकें से कैसे काम करता है

विभिन्न परियोजनाओं के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में किए गए मिट्टी यानि मृदा विश्लेषण से कम से कम 6 पोषक तत्वों- Nitrogen (नाइट्रोजन) , Phosphorus (फास्फोरस), Potash (पोटाश), Zinc (जिंक) और Boron (बोरॉन) की व्यापक कमी प्रदर्शित हुई। उत्तर-पश्चिमी भारत के चावल-गेहूँ उगाये जाने वाले क्षेत्रों में किए गये कुछ नैदानिक सर्वे से पता लगा कि किसान उपज स्तर को बनाये रखने के लिए, जिन्हें पहले कम उर्वरक उपयोग के जरिए भी हासिल कर लिया जाता था, अक्सर उचित दरों से ज्यादा नाइट्रोजन का उपयोग करते हैं।

नाइट्रोजन यह एक फसल को लगने वाला महत्वपूर्ण पोष्टिक तत्व  है |

आकश बेल या अमर बेल एवं इसका नियंत्रण

अमरबेल एक प्रकार की लता है जो बबूल, कीकर, बेर पर एक पीले जाल के रूप में लिपटी रहती है। इसको आकाशबेल, अमरबेल, अमरबल्लरी भी कहते हैं। प्राय: यह खेतों में भी मिलती है, पौधा एकशाकीय परजीवी है जिसमें पत्तियों और पर्णहरिम का पूर्णत: अभाव होता है। इसीलिए इसका रंग पीतमिश्रित सुनहरा या हल्का लाल होता है। इसका तना लंबा, पतला, शाखायुक्त और चिकना होता है। तने से अनेक मजबूत पतली-पतली और मांसल शाखाएँ निकलती हैं जो आश्रयी पौधे (होस्ट) को अपने भार से झुका देती हैं।

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