जैविक कृषि सुरक्षा

प्रायोजित कृषि विनाश या प्राकृतिक आपदा ?

पिछले अनेक वर्षों से हम देख रहे हैं कि आंधी, वर्षा, तूफ़ान, ओलावृष्टि बड़े नपे-तुले समय पर होती है.जब  वृक्षों-फसलों में फूल, फल बनने का समय होता है तभी आंधी, ओले, तूफ़ान, वर्षा बड़े नियम के साथ अपनी विनाश लीला दिखा देते हैं. जब फसलें पकने व काटने का समय होता है तब भी प्रकृति का कहर बरसने लगता है. कभी-कभी नहीं, बार-बार यही होता जा रहा है. क्या यह स्वाभाविक है ? क्या प्रकृति को किसानों के साथ कोई दुश्मनी है ? आखिर बड़े नियम के साथ ये कहर बरपता क्यों है ? कौनसा नियम, कौनसा सिद्धांत इसके पीछे काम कर रहा है?

भगवान के डाकियों को लीलते कीटनाशक…

बढ़ते कीटनाशको के उपयोग ने पक्षियों के जीवन को बहुत नुकसान पहुंचाया है. किसानों के मित्र समझे जाने वाले पक्षियों की प्रजातियों में दिन-प्रतिदिन भारी कमी होती जा रही है. हालात ये हैं कि कुछ समय से तो कुछेक प्रजातियों के पक्षी नजर ही नहीं आ रहे हैं. विशेष बात तो यह है कि इनके अचानक गायब होने का मुख्य कारण किसानों द्वारा परंपरागत तकनीक को छोडक़र मशीनों द्वारा खेती करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर कीटनाशक दवाइयों का अंधाधुंध प्रयोग करना जिसके चलते पक्षियों पर इसका गहरा दुष्प्रभाव पड़ा है.

भिण्डी की फसल में कीटों से निपटने का जैविक तरीका

विभिन्न सब्जियों के बीच भिंडी बड़े पैमाने पर पैदा की जाती है। पिछले कुछ सालों से इसके उत्पादन में थोड़ी कमी आई है जिसका कारण फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों, रोगों और सूत्रकृमि में हो रही वृद्धि है। भिण्डी की नरम और कोमल प्रकृति तथा उच्च नमी के कारण इसकी खेती में कीटों व रोगों के हमले की संभावना अधिक रहती है। एक अनुमान के अनुसार कीटों व रोगों के प्रकोप से कम से कम 35 से 40 प्रतिशत उत्पादन का नुकसान हो सकता है

पौधे में पोषक तत्‍व की कमी के लक्ष्‍ण एवं निदान

पौधे की बढवार एवं विकास के लिये सभी पोषक तत्‍व महत्‍वपूर्ण होते है,  जिनकी कमी को किसी अन्‍य तत्‍वों द्वारा पूरा नहीं किया जा सकता है। पौधों में पोषक तत्‍वों की कमी से जो रोग होते है उन्‍हें असंक्रमित रोगो की श्रेणी में रखा गया है। यह रोग कई कारणों से उत्‍पन्‍न हो सकते है जैसे: पर्यावरणीय बदलाव, मिटटी की संरचना एवं स्थिति आदि अत: इन्‍हे फिजियोलाजिकल डिसआर्डर कहा जाता है।

पोषक तत्‍वों की कमी के लक्ष्‍ण एवं उनका निदान निम्‍नलिखित प्रकार से किया जा सकता है।

1.  आलू का ब्‍लेक हर्ट-

लक्ष्‍ण -

Pages