जैविक खाद

कृषि विभाग विल्वा द्वारा दो दिवसीय कृषि ज्ञान संगोष्ठी का आयोंजन

कृषि विभाग विल्वा द्वारा दो दिवसीय कृषि ज्ञान संगोष्ठी का आयोंजन

कृषि विभाग द्वारा आयोजित आज दिनांक 9 /03/ 2016 दो दिवसीय कृषि ज्ञान संगोष्ठी का प्रारम्भ हुआ इस संगोष्ठी में कई विभागों के कृषि वैज्ञानिकों ने तथा 200 ज्यादा किसान भाइयों ने भाग लिया संगोष्ठी के प्रारम्भ में  कृषि वैज्ञानिक  डॉ.पी. एन. राम  गुप्ता जी ने अपने भाषण में जैव खाद और जैव कीट नाशक की विस्तार से जानकारी दी उन्होंने जैविक खेती में नीम की उपयोगिता तथा उसके प्रयोग एवं प्रयोग करने की बिभिन्न प्रकार की जानकारियां प्रदान की

अमृत जल

अमृत जल

यह गोबर, गौ-मूत्र और गुड को मिला कर बनया गया एक ऐसा घोल है जिसमें अवात जीवी सूक्ष्मजीवों की संख्या और विविधता बहुत अधिक होती है। इसमें मौजूद रासायनिक तत्व मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं और सूक्ष्मजीव मिट्टी के भौतिक और रासानिक गुणों को बढ़ाते हैं।

अमृत जल तैयार करने के लिए आवष्यक सामग्री क्या है ?

फसलों पर खाद एवं उर्वरकों का प्रभाव

जिस प्रकार मनुष्य तथा पशुओं के लिए भोजन की आवश्यकता पड़ती है, उसी प्रकार फसलों से उपज लेने के लिए पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्वों की आपूर्ति करना आवश्यक है| फसलों के लिए आवश्यक पोषक तत्व जमीन में खनिज लवण के रूप में उपस्थित रहते हैं, लेकिन फसलों द्वारा निरंतर पोषक तत्वों का उपयोग, भूमि के कटाव तथा रिसाव के द्वारा भूमि से एक या अधिक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिसे किसान भाई खाद और उर्वरक के रूप में खेतों में डालकर फसलों को उनकी आपूर्ति करते हैं ।

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