कृषि नीति

आंकड़ों और प्रयोगों ने किया भारतीय कृषि का सत्यानाश

आंकड़ों और प्रयोगों ने किया भारतीय कृषि का सत्यानाश

भारत में ऋग्वैदिक काल से ही कृषि पारिवारिक उद्योग रहा है। लोगों को कृषि संबंधी जो अनुभव होते रहे हैं, उन्हें वे अपने बच्चों को बताते रहे हैं। उनके अनुभवों ने कालांतर में लोकोक्तियों और कहावतों का रूप धारण कर लिया, जो विविध भाषा-भाषियों के बीच किसी न किसी कृषि पंडित के नाम प्रचलित हैं। हिंदी भाषा-भाषियों के बीच ये 'घाघ' और 'भड्डरी' के नाम से प्रसिद्ध हैं। उनके ये अनुभव आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधानों के परिप्रेक्ष्य मे खरे उतरे हैं, लेकिन आधुनिकता की अंधी दौड़ में हम विदेशियों की तरफ आकृष्ट होने लगे हैं।

 

जीएम फसलों का खेल

जीएम फसलों का खेल

 जीएम सरसों को खेतों में उगाने की अनुमति जल्दी ही सरकार दे देगी. इसके लिये ज़रूरी फील्ड ट्रायल किये जा चुके हैं और सरकार की जैनेटिक इंजीनियरिंग अप्रूवल कमेटी से इसे हरी झंडी मिल चुकी है. अगर जीएम सरसों के खेतों में उगाई गई तो यह भारत में पहली जीएम खाद्य फसल होगी. हम आपको समझाते हैं कि क्या है जीएम फसल और क्या है इस पर चल रही बहस.

दूसरी हरित क्रांति एक और भ्रांति!

दूसरी हरित क्रांति एक और भ्रांति!

चाहे जो पार्टी सत्ता में हो, खेती किसी की चिंता नहीं है. बस इतनी चिंता है कि किसान इतना नाराज न हो जाये कि वह वोट न दे. इसीलिए किसान को जुमले सुनाये जाते हैं. ऐसे जुमले, जिसके पीछे कोई सोच नहीं है.

 

हमारे प्रधानमंत्री को जुमलों का शौक है. खासतौर पर उधार के जुमलों का. इस बार उन्होंने ‘दूसरी हरित क्रांति’ का आह्वान किया है. हजारीबाग के निकट बरही में 28 जून को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (हर बूंद से ज्यादा दाने पैदावार) का नारा दिया.

 

फसल उत्पादन के लिये संतुलित पोषक तत्व एवं उनका प्रबंधन

फसल उत्पादन  के लिये संतुलित  पोषक तत्व एवं उनका प्रबंधन

संतुलित पोषक तत्व का अर्थ समझने के लिये पहले पोषक तत्व के बारे में जानना जरूरी है । पौधों के लिए पोषक तत्व उसे कहते हैं जिसकी अनुपस्थिति  में उनका जीवन - चक्र पूरा नहीं होता है, अर्थात बीज बोने से लेकर पुनः बीज प्राप्त करने तक अगर कोई एक भी आवश्यक पोषक तत्व मिट्टी में अनुपस्थित हो जाय तो पौधों का जीवन-चक्र पूरा नहीं होगा । पौधों के लिये 17 आवश्यक पोषक तत्व हैं । वे है : कार्बन, आक्सीजन,  हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, फास्फोरस,  पोटाशियम,  कैल्सियम, मैग्नेशियम, सल्फर, लोहा, जस्ता, मैंगनीज, तांबा, मोलिब्डेनम,  बोरोन, क्लोरीन एवं कोबाल्ट । सभी तत्वों का पौधों के जीवन में अलग-अलग कार्य हैं । अगर जीवित

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