खेती की लागत कम करने के उपाय

खेती को लाभदायक बनाने के लिए दो ही उपाय हैं- उत्पादन को बढ़ाएँ व लागत खर्च को कम करें। कृषि में लगने वाले मुख्य आदान हैं बीज, पौध पोषण के लिए उर्वरक व पौध संरक्षण, रसायन और सिंचाई। खेत की तैयारी, फसल काल में निंदाई-गुड़ाई, सिंचाई व फसल की कटाई-गहाई-उड़ावनी आदि कृषि कार्यों में लगने वाली ऊर्जा की इकाइयों का भी कृषि उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान है। 

इनका उपयोग किया जाना आवश्यक है, परंतु सही समय पर सही तरीके से किए जाने पर इन पर लगने वाली प्रति इकाई ऊर्जा की क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इनका अपव्यय रोककर व पूर्ण या आंशिक रूप से इनके विकल्प ढूँढकर भी लागत को कम करना संभव है। 

जैविक खेती के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता

सरकार ने केन्‍द्रीय क्षेत्र की विभिन्‍न योजनाओं जैसे राष्‍ट्रीय सतत कृषि मिशन के तहत देश में जैविक खेती को अपनाने के लिए राज्‍य सरकारों के जरिए किसानों को वित्‍तीय सहायता देने का प्रावधान बनाया है। बागवानी के एकीकृत विकास का मिशन (एमआईडीएच), राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) और राष्‍ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) भी इन योजनाओं में शामिल हैं। 

I.V.R.I. में 4 दिवसीय किसान मेला १७ मार्च से २० मार्च तक

4 दिवसीय किसान मेले में किसनो के लिए कृषि ,पशुपालन ,मत्स्य पालन एवं अन्य उपयोगी जानकारियां दी जाएगी 

13 से 15 मार्च तक हो सकती है झमाझम बारिश

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आने वाले तीन दिन तक तेज बारिश होने की संभावना है। इस बारिश से तापमान गिरने के साथ हवाएं फिर ठंडी हो जाएगी जबकि फसलों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 13 से 15 मार्च को तेज बारिश होगी।

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