गुजिया से बचाने को आम के तने में बांधे पॉलिथीन

 आम के पेड़ों के लिए बौर आने का समय सबसे अहम होता है। अगर ऐसे में किसी कीट या रोग का हमला होता है तो पेड़ के उस हिस्से में फल नहीं आते। यह कहना है केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, लखनऊ के प्रमुख डॉ उमेश कुमार का।

डॉ उमेश ने बताया, ”इन कीटों से ज्यादातर नुकसान उन बगों में होता है जिनकी किसान ज्य़ादा देख-रेख नहीं करते हैं। ज्यादातर कीटों या रोगों की जब शुरुआत होती है, तो सचेत किसान जल्दी इसके लक्ष्ण पहचान कर इसका इलाज करते हैं और फसल को बड़ा नुकसान नहीं हो पाता है।”

गोबर की खाद से लौटाएं मिट्टी की उर्वरता

गोबर की खाद, खनन के दौरान खत्म हुई मिट्टी की उर्वरता को वापस लाने में मदद करती है. यह जानकारी यूएस डिपार्टमेंट आफ एग्रीकल्चर(यूएसडीए) के शोध में सामने आई है. अमेरिका में दक्षिण-पश्चिम मिसौरी, दक्षिणपूर्व कंसास, पूर्वोत्तर ओक्लाहोमा सहित और विश्व के अन्य हिस्सों में हजारों एकड़ भूमि की उर्वरता जस्ते और सीसे के खनन खत्म हो गई.

होमा स्थित यूएसडीए के अंतर्गत चलने वाली संस्था की सुगरकेन सर्विस यूनिट एग्रीकल्चर रिसर्च सर्विस (एआरएस) के पॉल व्हाइट सहित अन्य मृदा वैज्ञानिकों ने ऐसे स्थानों पर गोबर की खाद डालकर यह निरीक्षण किया क्या इससे पौधों के लिए आवश्यक कार्बन की आपूर्ति हो सकती है.

आँगन में जब चाहे उगाइए टमाटर

टमाटर विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली सब्जी है. इसका पुराना वानस्पतिक नाम लाइकोपोर्सिकान एस्कुलेंटम मिल है. वर्तमान समय में इसे सोलेनम लाइको पोर्सिकान कहते हैं. बहुत से लोग तो ऐसे हैं जो बिना टमाटर के खाना बनाने की कल्पना भी नहीं कर सकते.

अब यूरिया से हटेगा सरकारी नियंत्रण, बाजार तय करेगा दाम

urea

डीजल और पेट्रोल के बाद यूरिया से सरकारी नियंत्रण हटाने  की तैयारी है. यानी अब बाजार के आधार पर यूरिया की कीमतें तय होंगी. वित्तीय साल 2015-16 के केंद्रीय बजट में इसकी घोषणा हो सकती है.

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'अगले तीन सालों तक यूरिया की एमआरपी (न्यूनतम खुदरा मूल्य) में 20 फीसदी का इजाफा हो सकता है.' इस सालाना बढ़ोतरी को 10-10 फीसदी के इंस्टॉलमेंट में भी बांटा जा सकता है.' यानी हर खरिफ और राबी मौसम के पहले यूरिया वाले खाद की कीमतों में 10 फीसदी बढ़ोतरी संभव है.

Pages