कृषि उत्पादन में कमी बढ़ा सकती है सरकार की चिंता

पिछले वर्ष की तुलना में खाद्य सब्सिडी बिल में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो कि वित्त मंत्री के लिए चिंता का विषय है। इसलिए सरकार को कृषि उपज और उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देना होगा।

कृषि क्षेत्र में लचीलापन लाने के साथ उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कोल्ड स्टोरेज, सिंचाई और अनुसंधान पर जोर देने की वकालत की गई है। हालांकि, कृषि क्षेत्र की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार ने पहल भी शुरू कर दी है।

देश में खाद्यान्न उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका

आर्थिक समीक्षा में खाद्यान्न उत्पादन में गिरावट की संभावना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार के सामने भी चुनौती है कि वह जनता का पेट भरने वाले कृषि क्षेत्र पर ज्यादा ध्यान दे।

आर्थिक समीक्षा के अनुसार बीते वर्ष मानसूनी बारिश में 12 प्रतिशत की कमी के कारण खाद्यान्न उत्पादन में तीन फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस वर्ष खाद्यान्न का उत्पादन 85 लाख टन कम है। पिछले साल 26.55 करोड़ टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ था।

बदायुं के किसानों को मिलेगा सस्ता सोलर पंप

न बिजली के बिल का झंझट और न ही डीजल की जरुरत है। अब सूरज की रोशनी से किसान खेतों की सिंचाई कर सकते हैं। सूरज की रोशनी से चलने वाले सोलर पंप लगाने के लिए किसानों को छूट दी जा रही है। अब किसान 60 हजार रुपये देकर सोलर पंप लगवा सकते हैं। पहले इस योजना में 85 हजार से अधिक देना पड़ता था। सोलर पंप पर छूट पाने के लिए किसान सात मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। वैसे अब तक 40 किसान आवेदन कर चुके हैं।

बारिश से किसानों के चेहरे पर मायूसी

 तेज हवाओं के साथ जारी बारिश के चलते मौसम का मिजाज बदल गया। वहीं, गेहूं की फसल को भी काफी नुकसान हुआ।

तेज हवाओं से गेहूं की अगैती फसल गिर गई। बारिश यूं ही जारी रही तो खेतों में पानी भरने से गेहूं सड़ने का खतरा काफी बढ़ जाएगा। बारिश से लाही और सरसों की फसल को भी नुकसान हुआ है। हालांकि, गेंहू की पिछैती फसल को बारिश से फायदा हुआ है। गन्ने की बुवाई भी रुक गई है। वहीं, बारिश के चलते गन्ने की फसल न कट पाने से केसर चीनी मिल नो केन के कारण बंद हो गई है।

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