जल प्रदूषण/जल संकट

“जल (H2O) में सामान्यतः कुछ लाभाकरी खनिज लवण संतुलित आहार के कुछ अंश के रूप में विद्यमान रहते हैं, परंतु इसमें जहरीले रसायनों, कीटाणुओं, अस्वच्छता आदि की उपस्थिति ही जल प्रदूषण है।”

पृथ्वी पर लगभग 70 प्रतिशत पानी है जिसका 3 प्रतिशत ही पेय रूप में है, बाकी अपेय/अशुद्ध है। इस 3 प्रतिशत पेयजल का लगभग 90 प्रतिशत से भी अधिक भाग भूगर्भ जल के रूप में है, जिसका जल-स्तर अधिकाधिक और अविवेकपूर्ण दोहन, अपव्यय और संरक्षणहीनता और अपुन्रभरण के कारण खतरनाक रूप से घट रहा है और मोटरपंपों, ट्यूबवेलों से निकाला गया भूगर्भ जल तेजी से प्रदूषित हो रहा है।

उत्तरी जोन क्षेत्रीय कृषि मेला I.V.R.I. में आज से प्रारम्भ

अपने बागीचे के लिए बनाएं खुद खाद

अपने बागीचे में खुद से बनाई गई खाद न केवल पैसे बचाती है बल्कि पर्यावरण के हिसाब से भी काफी बेहतरीन होती है। अगर आप सोंच रहें हैं कि इसको बनाने के लिए आपको बाजार से कुछ सामान खरीदने की आवश्‍यक्‍ता पड़ेगी तो ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं होगा। बस आपको करना केवल यह होगा कि आपके घर का जितना भी कूडां-कबाड़ा हो उसे सम्‍भाल कर फेंके जिससे वह आपके बागीचे में काम आ सके। खाद बनाने की विधी- 1.अब सबसे पहले यह सवाल उठता है कि इस खाद को आप अपने घर में रखेगीं कहां?

धान के खेतों में बत्तखों से मजदूरी,जहरीले कीटनाशक रसायनों से तोबा !

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में इन दिनों किसान धान के खेतों में बत्तखों से मजदूरी करा रहे हैं । आपको इस बात पर भले ही विश्वास न हो लेकिन पिछले दस सालों से बत्तखें इस काम को बिना पैसे के बखूबी कर रही है ।

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