किसानों के लिए स्वैच्छिक होगी पीएम फसल बीमा योजना, होंगे कई बदलाव

किसानों के लिए स्वैच्छिक होगी पीएम फसल बीमा योजना, होंगे कई बदलाव

केंद्र सरकार जल्द ही पीएम किसान फसल बीमा योजना में कई बड़े बदलाव करने जा रही है। इसमें किसानों के इस योजना में शामिल होना पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। इसके साथ ही योजना से ऊंचे प्रीमियम वाली फसलों को भी लिस्ट से हटा दिया जाएगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
फसलों पर इतना होगी प्रीमियम सिलिंग
अधिकारी का कहना है कि सिंचित क्षेत्र के मुताबिक फसलों का प्रीमियम तय होगा। अगर फसल का सिंचित क्षेत्र 50 फीसदी से ज्यादा है तो 25 फीसदी प्रीमियम सीलिंग का भी सुझाव दिया है। वहीं अगर फसल का सिंचित क्षेत्र 50 फीसदी से कम है तो प्रीमियम सीलिंग 30 फीसदी हो सकती है।

किसानों को तोहफा देगी मोदी सरकार! PMFBY में हो सकते हैं ये बदलाव

किसानों को तोहफा देगी मोदी सरकार! PMFBY में हो सकते हैं ये बदलाव

मोदी सरकार किसानों को एक बड़ा तोहफा दे सकती है. दरअसल, सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में कुछ बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. इस बदलाव का फायदा देश के लाखों किसानों को मिल सकता है.

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जल्‍द ही किसानों के लिए फसल बीमा को स्‍वैच्छिक बनाने का फैसला लिया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो किसानों के लिए यह राहत की बात होगी. वर्तमान में इस बीमा योजना के तहत किसानों का नामांकन अनिवार्य है.

किसान की लागत में कमी और पूरे दामों में बिक्री ही किसान की आय दुगनी कर सकती है

किसान की लागत में कमी और पूरे दामों में बिक्री ही किसान की आय दुगनी कर सकती है

किसान की लागत में कमी और पूरे दामों में बिक्री ही किसान की आय दुगनी कर सकती है यह बात किसान हैल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर के सिंह ने अपने किसान मित्र मिलन यात्रा के अवसर पर राम नगर दौरे पर कही।उन्होंने बताया कि किसान की आय को दुगना करने का सबसे बड़ा मूलमंत्र है कि किसान रासायनिक व जैविक खेती का परस्पर सामंजस्य स्थापित करने पर होगी।जब जैविक और रासायनिक खादों का प्रयोग होगा तो किसानों की लागत में कमी आएगी, उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या, घटती खेती से देश का पेट नही भरा जा सकता, देश में खाद्यान्न उत्पादनपूर्ति को जीरो बजट से नही किया जा सकता है।

खेती का नाश नही सत्यानाश

खेती  का नाश नही सत्यानाश

भारत की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है | देश के ग्रामीण इलाकों में रहनेवाली आबादी भारी तौर पर कृषि पर ही आधारित है | इस देश का किसान अपनी मेहनत और परिश्रम के बल पर अनाज उगाता है, उसे सींचता है फिर भी उनकी मेहनत का मूल्य उपजाने में लगी लागत से भी कम मिलता है| अब कृषि फायदे का सौदा नहीं रहा| लोग कृषि से दूसरी क्षेत्र की ओर पलायन को मजबूर हो रहे हैं| कृषि पर निर्भर रहनेवाले लोगों की तादाद तेजी से घाट रही है | देश में 45 फीसदी यानी आधे से भी कम लोग कृषि पर निर्भर है | देश का 64% क्षेत्र खेती के लिए मानसून और बारिश की मेहरबानी पर निर्भर है | आबादी बढ़ रही है, खाधान्नों की मांग बढ़ रही है

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