कैसे करें आलू की खेती की तैयारी

कैसे करें आलू की खेती की तैयारी

इसे सब्जियों का राजा कहा जाता है  भारत में शायद ही कोई ऐसा रसोई घर होगा जहाँ पर आलू ना दिखे । आलू की बोआई का समय आ चुका है। किसान बोआई की तैयारी में जुट भी चुके हैं। कहीं खेतों की तैयार किया जा रहा है तो कहीं बोआई को लेकर किसान बीज आदि जुगाड़ करने में लगे हैं। ऐसे में किसानों को बोआई करते समय कुछ सावधानी बरतनी जरूरी होगी। ताकि उनकी फसल सुरक्षित रहे व पैदावार बढ़े।

रायगढ़ के खेतों की उपजाउ मिट्टी हो रही अम्लीय

रायगढ़ के खेतों की उपजाउ मिट्टी हो रही अम्लीय

कृषि विभाग द्वारा की जा रही मृदा सैंपल की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिले के उपजाउ मिट्टी में सबसे ज्यादा अम्ल की मात्रा पाई जा रही है। विभाग द्वारा अब तक 10 हजार मिट्टी का सैंपल परीक्षण किया जा चुका है जिसमें करीब 80 प्रतिशत मृदा अम्लीय है। इससे विभाग असमंजस में है और इस सोच में है कि किस प्रकार क्षारीय मिट्टी को उपजाउ बनाया जाए। इस प्रतिशत को देखते हुए इसकी रिपोर्ट सरकार को वृहद कार्ययोजना के लिए अनुशंसा की जाएगी।

रबी की फसल की बुबाई के समय रखें सावधानियाँ

रबी की फसल की बुबाई के समय रखें सावधानियाँ

इन फसलों की बोआई के समय कम तापमान तथा पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की आवश्यकता होती हैं। ये फसलें सामान्यतः अक्टूबर-नवम्बर के महिनों में बोई जाती हैं। रबी में सिंचाई के लिए हमें नलकूप तालाब कुवे और भूमिगत जल संसाधनों पर आश्रित रहना पड़ता हैं । इस बार रबी के मौसम में  सूखे की संभावना बहुत हैं इस लिए किसान भाई अपनी खेती की कार्य योजना बहुत सोच समझ के बना नी हैं ।
फसल के अच्छे उत्पादन के लिए इस प्रकार योजना बनाये

रसायन खेती का अन्तिम विकल्प नही है

रसायन खेती का अन्तिम विकल्प नही है

हमारे यहाँ एक कहावत कही जाती है जान के मक्खी नही निगली जाती है हम लोग जब कोई सामान खरीद्नें जाते हैं तो उसके बारे में तमाम सवाल दुकान वाले से करते हैं जबकि वह सामान की आयु एक साल दो साल अधिक से अधिक दस बीस साल होगी । लेकिन हम अपनी जिन्दगी का सौदा बिना सोचे बिना समझे करते है जो अन्न हम खाते हैं अपने परिवार को खिलाते हैं उसमें अंधाधुंध जहर मिलाते हैं । 

प्राचीन काल में राजा-महाराजा को मारने के लिए षडयंत्रकारी लोग राजा के रसोईए से मिलकर, राजा के भोजन में धीमी गति से फैलने वाला ज़हर मिलवा देते थे । परन्तु आजकल हम सब कुछ जानते हुए भी आँखे बंद करके इस ज़हर का सेवन करते हैं । 

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