धान

धान (Paddy / ओराय्ज़ा सैटिवा) एक प्रमुख फसल है जिससे चावल निकाला जाता है। यह भारत सहित एशिया एवं विश्व के बहुत से देशों का मुख्य भोजन है। विश्व में मक्का के बाद धान ही सबसे अधिक उत्पन्न होने वाला अनाज है।

ओराय्ज़ा सैटिवा (जिसका प्रचलित नाम 'एशियाई धान' है) एक पादप की जाति है। इसका सबसे छोटा जीनोम होता है (मात्र ४३० एम.बी.) जो केवल १२ क्रोमोज़ोम में सीमित होता है। इसे सरलता से जेनेटिकली अंतरण करने लायक होने की क्षमता हेतु जाना जाता है। यह अनाज जीव-विज्ञान में एक मॉडल जीव माना जाता है

धान में जीवाणुज पत्ती अंगमारी रोग एवं रोकथाम

जीवाणुज पत्ती अंगमारी रोग या जीवाणुज पर्ण झुलसा रोग जीवाणुज पर्ण झुलसा रोग लगभग पूरे विश्व के लिए एक परेशानी है। भारत मे मुख्यत: यह रोग धान विकसित प्रदेशाें जैसे- पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, छत्तीशगढ़, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटका, तमिलनाडु मे फैली हुई है। इसके अलावे अन्य कई प्रदेशों मे भी यह रोग देखी गई है। भारत वर्ष मे यह रोग सबसे गंभीर समस्या बन गया है। यह रोग बिहार मे भी बड़ी तेजी से फैल रहा है।

धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण के कारगर उपाय

धान की फसल में पाये जाने वाले प्रमुख खरपतवार सावां घास, सावां, टोडी बट्टा या गुरही, रागीया झिंगरी, मोथा, जंगली धान या करघा, केबघास, बंदरा- बंदरी, दूब (एकदलीय घास कुल के), गारखमुडी, विलजा, अगिया, जलकुम्भी, कैना, कनकी, हजार दाना और जंगली जूट हैं। खरपतवार नियंत्रण के लिए निम्रलिखित उपाय अपनावें:-
1. जहां खेत में मिट्टी को लेव बनाकर और पानी भरकर धान को रोपा या बाया जाता है, वहां जो खरपतवार भूमि तैयार करने से पहले उग आते हैं, वे लेव बनाते समय जड़ से उखाड़कर कीचड में दब-सड़ जाते हैं। इसके बाद मिट्टी को 5 से. मी. या अधिक पानी से भरा रखने पर नए व पुराने खरपतवार कम पनप पाते हैं।

धान की फसल में महावार महत्वपूर्ण कार्य

मई

१ पंत-४ सरजू-५२ आई.आर.-३६ नरेन्द्र ३५९ आदि।

२ धान के बीज शोधन बीज को १२ घन्टे पानी मे भिगोकर तथा सुखाकर नर्सरी में बोना।

जून

१ धान की नर्सरी डालना। सुगन्धित प्रजातियां शीघ्र पकने वाली।

२ नर्सरी में खैरा रोग लगने पर जिंक सल्फेट तथा यूरिया का द्दिडकाव सफेदा रोग हेतु फेरस सल्फेट तथा यूरिया का द्दिडकाव

३ धान की रोपाई

४ रोपाई के समय संस्तुत उर्वरक का प्रयोग एवं रोपाई के एक सप्ताह के अंदर ब्यूटाक्लोर से खरपतवार नियंत्रण

जुलाई

धान की फसल लहराएगी लेकिन खरपतवार पर नियंत्रण जरूरी

देश की बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ खाद्यानों की मांग को पूरा करना एक गंभीर चुनौती बनी हुई है. धान हमारे देश की प्रमुख खाद्यान फसल है. इसकी खेती विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में लगभग चार करोड़ 22 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में की जाती है आजकल धान का उत्पादन लगभग नौ करोड़ टन तक पहुंच गया है . राष्ट्रीय स्तर पर धान कीऔसत पैदावार 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. जो कि इसकी क्षमता से काफ़ी कम है, इसके प्रमुख कारण है –  कीट एवं रोगों,  बीज की गुणवत्ता,  गलत शस्य क्रि याएं  तथा खरपतवार.

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