नवम्बर माह में गन्ने की खेती में क्या करें

तापक्रम कम होने के कारण गन्ने के जमाव पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। अत:: तापक्रम उचित (16-30 डिग्री से0 होने की दशा में शरदकालीन गन्ने की बुवाई करें।
नवम्बर के अन्त में गन्ना बुवाई करने हेतु पाली बैग/डीकम्पोजेबुल बैग में एक-एक ऑंख के टुकड़े की नर्सरी डालें। देर से काटे गये धान की फसल के उपरान्त खाली खेत में भी पाली बैग/डीकम्पोजेबुल बैग में तैयार किये गये पौधे की रोपाई करके अच्छी उपज की जा सकती है।
सितम्बर-अक्टूबर में बोये गये गन्ने की फसल में जमाव उपरान्त एक हल्क सिंंचाई करें तथा ओट आने पर 5 कि0ग्रा0/है एजोटोवैक्टर व कि0ग्रा0 पी0एस0बी0 कल्चर का लाइनों में प्रयोग कर गुड़ाई करें। इससे वायुमण्डलीय नत्रजन का स्थिरीकरण होता है तथा फास्फोरस की उपलब्धता है।
यदि शरदकालीन गन्ना के साथ गेहॅंू की फसल की अन्त: खेती करनी हो तो दो पंक्तियों के मध्य 3 पंक्तियां हल के पीछे बोयें।
शरदकालीन खरपतवारों के नियंत्रण हेतु जमाव उपरान्त 2, 4 -डी दर 2.24 कि0ग्रा0/है0 का 1150 ली0 पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
चीनी मिल में पेराई प्रारम्भी होने पर सर्वप्रथम शीघ्र पकने वाली प्रजातियों की पेड़ों की आपूर्ति करें। तत्पश्चात् शरदकालीन शीघ्र पकने वाली प्रजातियों का बावग एवं सामान्य प्रजातियों की पेड़ी की आपूर्ति करे।
शरदकालीन गन्ने के साथ अन्त: फसलों में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें, उर्वरक का प्रयोग करें तथा निराई-गुड़ाई भी करें।

organic farming: