जुलाई

जुलाई ग्रेगोरी कैलंडर और जूलियन कैलेंडर का सातवाँ (जून और अगस्त के बीच) महीना है। और यह उन सात महीनों में से एक है जिनके दिनों की संख्या 31 होती है।

 

सिंघाड़े की खेती में अधिक फायदा

सिंघाड़े की खेती

गर आपके घर के पास कोई तालाब हो तो ये सही समय है सिंघाड़े की बुवाई का। जून, जुलाई और अगस्त महीने तक किसान बुवाई कर सकते हैं। सितम्बर महीने से सिघाड़े के पौधों में सिघाड़े उगने शुरू हो जाते हैं और अक्टूबर से लेकर जनवरी तक पौधे से सिघाड़े निकलते रहते हैं।

जुलाई में कृषि कार्यों में क्या करें

जुलाई में कृषि कार्यों में क्या करें

जुलाई महीने के प्रमुख कृषि कार्य

धनहा खेत में हरी खाद की फसल लगाते हैं। ये गहरे हल से जुताई करके किया जाता है।

धान का रोपा लगाया जाता है। जो धान जून के अन्त में बोयी गयी थी, उसकी निंदाई की जाती है।

मक्का, जो मई या जून में बोई गयी थी, उसकी निंदाइ की जाती है।

इस महीने में फिर से मक्का बाजरा, ज्वार, अरहर आदि लगाते हैं।

गन्ने पर मिट्टी चढ़ायी जाती है। कपास, मूंगफली की निंदाई-गुड़ाई करते हैं।

सूरजमुखी की बुवाई करना शूरु हो जाता है।

चारे के लिये सूडान घास, मक्का, नेथियर, रोड्स पारा आदि घास लगायी जाती है।

अब के वरस जम के बरसेगा सावन

 अब के वरस  जम के बरसेगा सावन

अनुमान है कि 2016 में मॉनसून का प्रदर्शन बेहतर होगा। चार माह की मॉनसून अवधि में सामान्य से अधिक लगभग 105% बारिश दर्ज की जाएगी। इसमें 4% की कमी या बेसी का अनुमान है। स्काइमेट द्वारा आज जारी किए गए दीर्घावधि मॉनसून पूर्वानुमान के अनुसार 887 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना है।
स्काइमेट वेदर के मुताबिक जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर में कुल मॉनसूनी बारिश की संभावना इस प्रकार है:
• 20% संभावना अत्यधिक बारिश की है (मॉनसून में 110% से अधिक वर्षा को अत्यधिक माना जाता है)।
• 35% संभावना सामान्य से अधिक बारिश की है (मॉनसून में 105% से 110% वर्षा को सामान्य से अधिक माना जाता है)।