जैविक

जैविक खेती (Organic farming) कृषि की वह विधि है जो संश्लेषित उर्वरकों एवं संश्लेषित कीटनाशकों के प्रयोग या न्यूनतम प्रयोग पर आधारित है तथा जो भूमि की उर्वरा शक्ति को बचाये रखने के लिये फसल चक्र, हरी खाद, कम्पोस्ट आदि का प्रयोग करती है। सन् १९९० के बाद से विश्व में जैविक उत्पादों का बाजार काफ़ी बढ़ा है।

गेहूं फसल में जड़ माहू का प्रकोप

गेहूं में जड़ माहू का प्रकोप

इन दिनों रबी सीजन की गेहूं फसल में जड़ माहू का प्रकोप लगने से किसान परेशान हैं। किसानों द्वारा बताये जाने पर kisanhelp की टीम ने उत्तर प्रदेश के बरेली , पीलीभीत ,शाहजहांपुर आगरा मध्य प्रदेश के रतलाम ,हरदा ,अशोक नगर के गांवों में जाकर रोग की जानकारी दी । जहां पर गेहूं फसल में जड़माहू का प्रकोप मिला। जड़ माहू के प्रकोपित पौधों को उखाड़कर सफेद पेपर पर रखकर देखने पर भूरे रंग के बारिक-बारिक माहू दिखाई दिए, जो कि पौधों की तने जड़ से रस चूसते हैं, जिसके कारण पौधे पीले पडऩे लगते हैं।

जड़ माहू रोग

किसानों को जैव कीटनाशी दवा पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान

किसानों को जैव कीटनाशी दवा पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान

किसानों को जैव कीटनाशी दवा पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान

फसलों को कीटों से बचाने के लिए किसानों द्वारा धड़ल्ले से हो रहे रासायनिक कीटनाशी दवाओं के प्रयोग से खेतों व पैदावार पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इतना ही नहीं धीरे-धीरे इको सिस्टम पर भी इसका असर हो रहा है। कृषि विभाग ने रासायनिक दवाओं के उपयोग व फसलों के नुकसान को रोकने व जैव कीटनाशी दवाओं का प्रयोग बढ़ाने के लिए अहम कदम उठाया है।

रबी की फसल की बुबाई के समय रखें सावधानियाँ

रबी की फसल की बुबाई के समय रखें सावधानियाँ

इन फसलों की बोआई के समय कम तापमान तथा पकते समय शुष्क और गर्म वातावरण की आवश्यकता होती हैं। ये फसलें सामान्यतः अक्टूबर-नवम्बर के महिनों में बोई जाती हैं। रबी में सिंचाई के लिए हमें नलकूप तालाब कुवे और भूमिगत जल संसाधनों पर आश्रित रहना पड़ता हैं । इस बार रबी के मौसम में  सूखे की संभावना बहुत हैं इस लिए किसान भाई अपनी खेती की कार्य योजना बहुत सोच समझ के बना नी हैं ।
फसल के अच्छे उत्पादन के लिए इस प्रकार योजना बनाये

जैविक उत्पादों को बेचने के लिए सरकार ने खोले स्टोरर्स

जैविक उत्पादों को बेचने के लिए सरकार ने खोले स्टोरर्स

पेस्टिसाइट्स के जितने फायदें हैं उससे कई गुना ज्यादा उसके नुकसान हैं। इस बात को अब केंद्र सरकार पूरी तरह से समझ चुकी है। इससे निपटने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार पहले ही कई योजनाएं चला रही है लेकिन अब इसमें तेजी लाने के लिए सरकार ने एक नई शुरुआत की है, जो कि आने वाले वक्त में भारतीय कृषि की दुनिया में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

नई शुरूआत के तौर पर केंद्र सरकार ने दिल्ली में दो स्टोर खोले हैं जहां से जैविक खेती से जुड़े लगभग सभी उत्पाद मिलेंगे।

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