मध्यप्रदेश

अक्षांश -21°6' उत्तरीअक्षांश से 26°30'उत्तरीअक्षांश

देशांतर -74°9' पूर्वीदेशांतर से 82°48' पूर्वीदेशांतर

मध्य प्रदेश भारत का एक राज्य है, इसकी राजधानी भोपाल है। मध्य प्रदेश १ नवंबर, २००० तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था। इस दिन एवं मध्यप्रदेश के कई नगर उस से हटा कर छत्तीसगढ़ की स्थापना हुई थी। मध्य प्रदेश की सीमाऐं पांच राज्यों की सीमाओं से मिलती है। इसके उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात, तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान है।
मध्य प्रदेश में नर्मदा महाकाल पर्वत के अमरकण्टक शिखर से, चम्बल महु के पास जानापाओ पर्वत से, ताप्ती नदी बेतुल के मुलताई से निकलती है एवं माही ग्वालियर के समीप दक्षिणी अरावली में जयसमन्द झील से प्रारम्भ होती है।। इन में नर्मदा, ताप्ती एवं माही भारत की उन नदियों में समाविष्ट है जो पूर्व से पश्चिम की तरफ बहती हैं। मध्य प्रदेश की भौगोलिक विशेषता यह भी है की कर्क रेखा १४ जिलो से होकर जाती है।

सूखे से निपटने के लिए आपदा राहत कोष बनाए केंद्र: उच्चतम न्यायाल

सूखे से निपटने के लिए आपदा राहत कोष बनाए केंद्र: उच्चतम न्यायाल

उच्चतम न्यायालय ने सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए आज केंद्र को आपदा राहत कोष बनाने के लिए कहा और कृषि मंत्रालय को आदेश दिया कि स्थिति का आकलन करने के लिए वह बिहार, गुजरात और हरियाणा जैसे प्रभावित राज्यों के साथ एक सप्ताह के अंदर एक बैठक करे। न्यायमूर्ति एमबी लोकुर की अगुवाई वाली पीठ ने केंद्र को आदेश दिया कि वह आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों का कार्यान्वयन करे और वैज्ञानिक आधारों पर सूखे की घोषणा करने के लिए एक समय सीमा तय करे। साथ ही न्यायालय ने आपदा से प्रभावित किसानों को कारगर राहत देने के लिए केंद्र को सूखा प्रबंधन नियमावली की समीक्षा करने और संकट से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय योजन

अब खेतों में लहराएगी जैविक कपास

अब खेतों में लहराएगी जैविक कपास

कपास की खेती करने वाले किसानों को सरकार बीज कंपनियों के चुंगल से मुक्त कराने के लिए नया बीज बनाएगी। बीटी कॉटन की जगह मिलने वाला ये बीज पूरी तरह जैविक होगा। इसके लिए मध्य भारत कंपनी और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के बीच करार हुआ है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय किसान मेला शुरु

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में  तीन दिवसीय किसान मेला शुरु

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में मंगलवार से तीन दिवसीय किसान मेले की शुरुआत हुई। गुजरात, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के हजारों किसानों ने इस सम्मेलन में शिरकत की। पहले दिन सदाबहार क्रांति एवं खाद्यान्न सुरक्षा पर राज्य सहकारी बैंक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्य वक्ता दिलीप संघानी ने कहा कि कुछ वर्षों से किसान ने फसल के क्षेत्र में अनेक नवाचार स्वयं से विकसित कि ए हैं, जो काफी सराहनीय है। लेकिन अब समय के साथ चलकर विकास की गति को बढ़ाना होगा। किसान को बैंकिंग का लाभ लेना चाहिए। इससे ही किसानी के क्षेत्र में समृद्दता आएगी और देश का विकास होगा। श्वेत क्रांति व पशुपालन विषय पर कामधेनु विश