किसान हैल्प

किसान हैल्प किसानों का एक राष्ट्रीय संगठन है।संगठन गैरराजनीतिक है।यह संगठन देश के गरीब किसानों को उनकी फसलों के उचित मूल्य मिले, किसान को सम्मान मिले उसे न्याय मिले इसी उद्देश्य के साथ संगठन कई इकाइयों के साथ देश में कार्य कर रहा है।
इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ राधा कान्त सिंह हैं, जो एक सफल जैविक किसान हैं।
किसानों को खेती के सहायता के लिए संगठन ने "किसन हेल्प लाइन " के नाम से एक किसान शिक्षा इकाई की स्थापना की जिससे हजारों लाखों किसानों को लाभ मिलता है।

क्लाइमेटिक जोन की खेती से आ सकती है कृषि क्षेत्र की रफ्तार

पेट भरने वाला कृषि क्षेत्र अब खुद की समस्याओं के पहाड़ से दबता जा रहा है। उबारने की इसकी जितनी कोशिश की गई, वह उतनी ही मुश्किलों के दलदल में धंसता जा रहा है। हरितक्रांति की सफलता की खुमारी में डूबा कृषि क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा लगातार नजरअंदाज होता रहा, जिसके चलते खेती की मूलभूत जरूरतों और बुनियादी ढांचों पर गंभीरता नहीं बरती गई। यही वजह है कि मौजूदा खेती खुद के साथ किसानों के लिए मुश्किलों का सबब बन गई है। थम गई विकास की दर को बढ़ाने के लिए खेती में वैज्ञानिक बदलाव जरूरी हो गया है।

अनियमित बारिश से खरीफ खेती प्रभावित, किसान परेशान, इस माह अच्छी बारिश होने का अनुमान

अनियमित बारिश से खरीफ खेती प्रभावित

मानसून पूरे देश पर छा गया है, लेकिन कहीं भारी तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। देश का कुछ हिस्सा अभी भी सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहा है। इसके चलते खरीफ सीजन की फसलों की बोवाई प्रभावित हुई है, जिससे खेती की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले पीछे चल रही है। भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने अगस्त माह में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

सरकार ने बढ़ाई उर्वरक सब्सिडी, सीधे किसानों को मिलेगा फायदा

सरकार ने बढ़ाई उर्वरक सब्सिडी, सीधे किसानों को मिलेगा फायदा

पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें वित्त वर्ष 2019-20 के लिए गैर यूरिया आधारित उर्वरकों (फॉस्‍फेटिक और पोटाशिक) की सब्सिडी को बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकार की तरफ से 22,875 करोड़ रुपए खर्च की इजाजत दी गई।

उर्वरक सब्सिडी का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। हालांकि प्रतिकिलो सब्सिडी दरें वही रहेंगी जैसी वर्ष 2018-19 में थी। सरकार की तरफ से सब्सिडी की शुरुआत 2010 में की गई थी। इसके तहत सब्सिडी वाले फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों के प्रत्येक ग्रेड पर एक निश्चित राशि सब्सिडी के तौर पर दी जाती है। यह सब्सिडी सालाना आधार पर दी जाती है।

किसानों का 579.03 करोड़ रुपये कर्ज हुआ माफ, 94 हजार से ज्यादा को मिला फायदा

किसानों का 579.03 करोड़ रुपये कर्ज हुआ माफ, 94 हजार से ज्यादा को मिला फायदा

मुख्यमंत्री फसली ऋण मोचन योजना संपन्न हो गई है। बिजनौर जिले के किसानों को इस योजना से बहुत फायदा हुआ है। जिले के किसानों का 579 करोड़ रुपये योजना में माफ हुआ है। योजना की केवल एक ही किस्त आनी बाकी है। इस योजना की वजह से जिले के 94 हजार से ज्यादा किसानों का कर्जा माफ हुआ है या उन्हें कर्ज माफी में मदद मिली है।

Pages