मूंग

मूँग साबुत हो या धुली, पोषक तत्वों से भरपूर होती है। अंकुरित होने के बाद तो इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्वों केल्शियम, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और विटामिन्स की मात्रा दोगुनी हो जाती है। मूँग शक्तिवर्द्धक होती है। ज्वर और कब्ज के रोगियों के लिए इसका सेवन करना लाभदायक होता है।

यह भी उड़द दाल की तरह तीन प्रकार की होती है:

मूंग साबुत
मूंग छिलका
मूंग धुली

52-55 दिनों में तैयार होने वाली मूंग वैज्ञानिकों ने विकसित की

52-55 दिनों में तैयार होने वाली मूंग वैज्ञानिकों ने विकसित की

52-55 दिनों में तैयार होने वाली मूंग वैज्ञानिकों ने विकसित की 
 देश के कृषि वैज्ञानिकों ने मूंग की ऐसी किस्म विकसित की है जो मात्र 52 से 55 दिनों में तैयार हो जाती है। दलहन की खेती में लगने वाला लंबा समय किसानों द्वारा इसे कम अपनाए जाने के प्रमुख कारणों में से एक है।गे हूं के बाद बुवाई कर  सकेंगे 

नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन (रबी अभियान 2016-17) के मौके पर वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई आईपीएम 205-07 किस्म जारी की गई। आम तौर पर इस फसल को तैयार होने में 60 से 100 दिन लगते हैं।

मोदी सरकार का किसानों को तोहफा,धान,दलहन समेत14 फसलों की एमएसपी बढ़ाई

मोदी सरकार का किसानों को तोहफा,धान,दलहन समेत14 फसलों की एमएसपी बढ़ाई

2 साल पूरा होने पर मोदी सरकार किसानों को तोहफा दिया  है। दरअसल, सरकार खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में भारी इजाफा किया है।सरकार दालों की पैदावार बढ़ाने फोकस किया है। इसके लिए खरीफ सीजन में बोई जाने वाली दालों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानि एमएसपी में जोरदार बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने दालों की एमएसपी में करीब 200 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। आज कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला हुआ। सरकार ने बुधवार को धान और दलहन समेत कुल 14 फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ा दिए। सरकार खास तौर पर दलहन की पैदावार बढ़ाने पर जोर दे रही है। एमएसपी बढ़ाना उसी दिशा में उठाया गया कदम

खाद्य, तेल और दालों की कमी से जूझेगा देश

चालू रबी सीजन में दलहन व तिलहन की कम पैदावार को देखते हुए सरकार के लिए खाद्य प्रबंधन की चुनौतियां बढ़ गईं हैं। दाल की कमी का खामियाजा उपभोक्ता पहले से ही उठा रहे हैं। अरहर, मूंग व उड़द की दालें आम उपभोक्ता की पहुंच से बाहर हो गई हैं। रबी सीजन में भी इन दलहन फसलों की पैदावार में कमी आने का अनुमान है। खाद्य तेलों की कमी से सब्जियों का छौंका लगाना और महंगा हो सकता है।

मूंग की खेती कर बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरा शक्ति

मूंग की खेती कर बढ़ाएं मिट्टी की उर्वरा शक्ति

 तेजी से घट रही मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए कृषि विभाग कई तरह के कार्यक्रमों का संचालन व्यापक स्तर पर कर रहा है. लगातार रासायनिक उर्वरकों  के प्रयोग से बहुत तेजी से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट रही है, जिसको लेकर विभाग के साथ-साथ सरकार काफी चिंतित है.

 

अब विभाग का ध्यान जैविक खाद का प्रयोग करने की तरफ बढ़ रहा है, जिससे एक तरफ मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बढ़ सके, वहीं दूसरी ओर किसानों  को आर्थिक लाभ भी मिल सके.  इस योजना के तहत कृषि विभाग खाली पड़े खेतों में मूंग, सनई व ढैचे की खेती को करने पर बल दे रहा है.

 

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