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अनियमित बारिश से खरीफ खेती प्रभावित, किसान परेशान, इस माह अच्छी बारिश होने का अनुमान

अनियमित बारिश से खरीफ खेती प्रभावित

मानसून पूरे देश पर छा गया है, लेकिन कहीं भारी तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। देश का कुछ हिस्सा अभी भी सूखे जैसी स्थिति से जूझ रहा है। इसके चलते खरीफ सीजन की फसलों की बोवाई प्रभावित हुई है, जिससे खेती की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले पीछे चल रही है। भारतीय मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने अगस्त माह में अच्छी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है।

सरकार ने बढ़ाई उर्वरक सब्सिडी, सीधे किसानों को मिलेगा फायदा

सरकार ने बढ़ाई उर्वरक सब्सिडी, सीधे किसानों को मिलेगा फायदा

पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें वित्त वर्ष 2019-20 के लिए गैर यूरिया आधारित उर्वरकों (फॉस्‍फेटिक और पोटाशिक) की सब्सिडी को बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकार की तरफ से 22,875 करोड़ रुपए खर्च की इजाजत दी गई।

उर्वरक सब्सिडी का सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। हालांकि प्रतिकिलो सब्सिडी दरें वही रहेंगी जैसी वर्ष 2018-19 में थी। सरकार की तरफ से सब्सिडी की शुरुआत 2010 में की गई थी। इसके तहत सब्सिडी वाले फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों के प्रत्येक ग्रेड पर एक निश्चित राशि सब्सिडी के तौर पर दी जाती है। यह सब्सिडी सालाना आधार पर दी जाती है।

पीएम किसान योजना में अब तक 2 करोड़ किसानों के रजिस्ट्रेशन, कांग्रेस शासित राज्य और प. बंगाल को योजना पर बेरुखी

पीएम किसान योजना में अब तक 2 करोड़ किसानों के रजिस्ट्रेशन, कांग्रेस शासित राज्य और प. बंगाल को योजना पर बेरुखी

किसान सम्मान निधि के लिए 20 फरवरी तक 2 करोड़ से ज्यादा किसानों के रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर किसान बीजेपी शासित राज्यों के हैं। योजना के तहत छोटे एवं सीमांत किसानों को सालना 6 हजार रुपये मिलने हैं। हालांकि, उन राज्यों के किसानों के पौ बारह होने वाले हैं जिनकी सरकारों ने पहले से ही इस तरह की योजना चला रखी है। इनमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्य शामिल हैं। 

कड़ाके की ठंड और कोहरा मतलब गेहू के अच्छे दिन

कड़ाके की ठंड में इंसानों के साथ जानवरों को दिक्कत जरूर हो रही है लेकिन फसलों में खासकर गेहूं के लिए मौसम का मौजूदा मिजाज फायदे का सौदा बन गया है। पिछेती गेहूं की फसल में कल्ले फूटने के लिए जिस तरह का तापमान चाहिए, वह उसे पिछले चार-पांच दिन में मिल गया। गेहूं के अच्छे दिन के आगाज से वैज्ञानिकों को भी बंपर पैदावार का अनुमान है। करीब तीन महीने में पक कर तैयार होने वाली गेहूं की फसल की दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक बुआई हुई थी।

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