ग्लोबल वार्मिग का कृषि एवं जलवायु पर हानिकारक प्रभाव
Submitted by Aksh on 8 December, 2015 - 18:35ग्लोबल वर्मिग ने समूचे जलवायु चक्र को प्रभावित किया है। हम जानते है कि कृषि पूरी तरह से मानसून के मिजाज पर निर्भर करती है। अतिवृष्टि, सूखा और बाढ़ बदलते जलवायु की ही देन है, जिनसे कृषि प्रभावित होती है। इसका कोई स्थायी उपाय अब तक संभव नहीं हो सका।
कृषि अब पहले की तरह समृद्ध नहीं रही। किसान यह कहने पर मजबूर है कि अब कृषि की से कोई फायदा नहीं है। वह खेती करने की बजाय अन्य उद्यमों की ओर आकॢषत हो रहा है। क्योंकि खेती के लिए आवश्यक परिस्थितियों और संसाधनों का घोर अभाव है। ये परिस्थियां प्राकृतिक है,जो कृषि चक्र के लिए बहुत ही जरुरी है।