लॉकडाउन के कारण गन्ना काटने वाले ढाई लाख प्रवासी मजदूर खेतों में फंसे, अनाज खत्म होने के बाद गहराया भोजन का संकट
Submitted by Aksh on 5 April, 2020 - 11:58लॉकडाउन के कारण महाराष्ट्र के अलग-अलग जगहों से गन्ना काटने वाले प्रवासी मजदूरों के फंसे होने की सूचनाएं आ रही हैं. विभिन्न श्रम संगठनों का अनुमान है कि यह संख्या ढाई लाख या उससे भी अधिक हो सकती है. सबसे बुरी स्थिति मराठवाड़ा और पश्चिम महाराष्ट्र की है. इसका कारण यह है कि यह इलाका ‘सुगर बेल्ट’ के नाम से जाना जाता है और राज्य भर से अधिकतर गन्ना काटने वाले मजदूर इसी इलाके में प्रवास करते हैं. लॉकडाउन के बाद ऐसे कई मजदूरों ने बताया कि वे गन्ना खेतों में ही फंस गए हैं और अनाज खत्म होने के बाद उनके सामने दो जून की रोटी का सवाल खड़ा हो गया है.
राज्यों के हार्वेस्टर ड्राइवरों को मिलेगा पास
Submitted by Aksh on 5 April, 2020 - 07:40किसानों ने रबी फसलों की कटाई करना शुरू कर दिया है. बिहार के किसान भी पूरी तैयारी के साथ खेतों में जुट गए हैं. बता दें कि किसान गेहूं की कटाई कई प्रकार के कृषि यंत्रों से करते हैं. इसके लिए पंजाब समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में कृषि यंत्र मांगाए जाते हैं. लॉकडाउन में केंद्र और राज्य सरकार ने कृषि संबंधित कार्यों और वाहनों को छूट दे दी है. ऐसे में सरकार ने एक अहम फैसला लिया है कि कृषि संबंधी सभी वाहनों के लिए जिला स्तर पर एक पास जारी किया जाएगा.
इन राज्यों से हार्वेस्टर के ड्राइवरों को मिलेगा पास
लॉकडाउन का खामियाजा किसानों पर भारी, तैयार फसल को काटने के लिए नही मिल रहे मजदूर
Submitted by Aksh on 3 April, 2020 - 12:15कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन का खामियाजा उन किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है जिनकी पूरी खेती ही मजदूरों के भरोसे है। कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया को बड़ा आर्थिक नुकसान होने वाला है। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन की वजह से देश-दुनिया को आर्थिक मंदी का भी सामना करना पड़ सकता है। कोरोना वायरस का गंभीर परिणाम देश के किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है। गांवों की हालत ऐसी हो गई है कि ग्वाला लोगों से दूध नहीं खरीद रहा है, क्योंकि मिठाई की दुकानें बंद होने से दूध की सप्लाई नहीं हो रही है। कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन का खामियाजा उन किसानों को भी भुगतना पड़ रहा है जिनकी पूरी खेती ही मजदूरों के





