Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

फ़सल

अगस्त माह में फसल में क्या करें

धान में यूरिया की एक तिहाई मात्रा कल्ले निकलते समय तथा शेष बची हुई एक तिहाई मात्रा गोभ में आने से पहले टॉप ड्रेसिंग के रूप में दें।
यदि रोपाई के बाद खरपतवारनाशी का प्रयोग न कर पाये हों तो रोपाई के 15 से 25 दिन (खरपतवार की 3-5 पत्ती तथा 5-7 सेंटीमीटर ऊँचाई) की अवस्था पर बिस्पायरीबैक सोडियम 10% एस॰सी॰ 100-120 मिलीलीटर रसायन 120 लीटर पानी में घोलकर /एकड़ की दर से छिड़काव करें। छिड़काव के 48-72 घण्टे बाद खेत में पानी भर दें।

मई माह में फसल उत्पादन हेतु सामयिक सलाह

1- गेहूँ की देर से बोयी जाने वाली प्रजातियों तथा जई की कटाई, मड़ाई, सफाई करके अच्छी तरह सुखाकर भंडारण करें। बीज के लिये रक्खे जाने वाले गेहूँ को सौर ताप विधि से उपचारित कर भंडारण करें।

2- जौं, चना, मटर, मसूर आदि को अच्छी तरह सुखाकर भंडारित करें।

3- उर्द व मूँग की आवश्यकतानुसार निराई-गुड़ाई, सिंचाई करते रहें। मूँग की फलियों की समय से तुड़ाई करें। समय से बोयी गई उर्द की उचित समय पर कटाई करें।