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रसायन के प्रकार

रसायन के 3 प्रकार के होते हैं।
1.प्राकृतिक रसायन- जो प्रकृति में स्वयं बनते हैं ,उतना ही कार्य करते हैं जो उनका कार्य है, इसके अलावा इनका कोई साइड इफेक्ट नही होता।
2,संवर्धित रसायन- उचित माहौल देकर बिना किसी छेड़छाड़ के उस रसायन की वृद्धि करना।इसमें केवल उचित माहौल दिया जाता है।
ये वही काम करते हैं जो प्राकृतिक रसायन करते हैं ,इनके भी साइड इफेक्ट नही होते ।
3. सिंथेटिक रसायन- यानी वे रसायनों के मेल जो प्रकृति में कम मात्रा में मिलते हों, हमे ज्यादा चाहिए तो उन्हें रसायनिक अभिक्रियाओं के माध्यम से उत्प्रेरकों की मदद से लैब कंडीशन या फैक्ट्री में बनाया जाता है।
रसायन तो ये भी वही कार्य करते हैं जो प्राकृतिक वाले करते हैं पर इनके बढ़ाने में प्रयोग हुए दूसरे रसायन ,उत्प्रेरक आदि भी इनके साथ इस्तेमाल होते हैं वे हानिकारक हो सकते हैं। 
उदाहरण- नाइट्रोजन फसल को हवा से , गोबर खाद से और यूरिया से दे सकते हैं।
पर जब यूरिया देते हैं तो उसमें 46% नाइट्रोजेन और 54% क्षार होते हैं जो हानिकारक हैं।
जबकि अगर नाइट्रोजन गोबर खाद से दी जाए तो ये क्षार नही जायेंगे।

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