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सब्जियां

ऐसे बनाएं सब्जी बगीचा ( किचन गार्डन )

साग-सब्जियों का हमारे दैनिक भोजन में महत्वपूर्ण स्थान है. विशेषकर शाकाहारियों के जीवन में. साग-सब्जी भोजन में ऐसे पोषक तत्वों के स्नेत हैं, हमारे स्वास्थ्य को ही नहीं बढ़ाते, बल्कि उसके स्वाद को भी बढ़ाते हैं. पोषाहार विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित भोजन के लिए एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन 85 ग्राम फल और 300 ग्राम साग-सब्जियों का सेवन करना चाहिए, परंतु हमारे देश में साग-सब्जियों का वर्तमान उत्पादन स्तर प्रतिदिन, प्रतिव्यक्ति की खपत के हिसाब से मात्र 120 ग्राम है. इसलिए हमें इनका उत्पादन बढ़ाना चाहिए.

ब्जी बगीचा के लिए स्थल चयन

कैसे करें प्याज की नर्सरी

प्याज एक महत्वपूर्ण व्यापारिक फसल है जिसमें विटामिन सी, फास्फोरस आदि पौष्टिक तत्व प्रचुर मात्रा में पाये जाते हैं. हमारे देश में प्याज की खेती मुख्य रुप से रबी की फसल के रुप में की जाती है. अनेक राज्यों प्याज की खेती खरीफ में भी की जाती है. प्याज का उपयोग प्रतिदिन सब्जी व मसाले के रुप में किया जाता है. इसके अतिरिक्त यह सलाद, चटनी एवं अचार आदि के रुप में भी प्रयोग किया जाता है. गर्मी में लू लग जाने तथा गुर्दे की बीमारी में भी प्याज लाभदायक रहता है.

जलवायु एवं भूमि

मचान या बाड़ा विधि से करें सब्जियों खेती

मचान या बाड़ा विधि  से खेती करने से किसानों को बहुत से फायदे होते हैं, गर्मियों में अगेती किस्म की बेल वाली सब्जियों को मचान विधि से लगाकर किसान अच्छी उपज पा सकते हैं। इनकी नसर्री तैयार करके इनकी खेती की जा सकती है। पहले इन सब्जियों की पौध तैयार की जाती है और फिर मुख्य खेत में जड़ों को बिना नुकसान पहुंचाये रोपण किया जाता है। इन सब्जियों की पौध तैयार करने से पौधे जल्दी तैयार होते हैं।

पेठा (कद्दूवर्गीय सब्जी) की उन्नत खेती

एक बेल पर लगने वाला फल है, जो सब्जी की तरह खाया जाता है। यह हल्के हरे वर्ण का होता है और बहुत बड़े आकार का हो सकता है। पूरा पकने पर यह सतही बालों को छोड़कर कुछ श्वेत धूल भरी सतह का हो जाता है। इसकी कुछ प्रजातियां १-२ मीटर तक के फल देती हैं पेठा दरअसल कद्दू की वह वेरायटी है जिससे पेठा बनता है। इसे भूरा कद्दू ,कुष्मांड या कूष्मांड का फल पेठा, भतुआ, कोंहड़ा आदि नामों से भी जाना जाता है इसकी अधिकांश खेती भारत सहित दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी एशिया में होती है। इससे भारत में एक मिठाई भी बनती है, जिसे पेठा (मिठाई) ही कहते हैं।

जलवायु

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