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कम पानी में कई फसलें उगाने की उन्नत तकनीक

सघन खेती भी कहा जाता है. इस तकनीक को अपनाकर किसान कम भूमि के साथ-साथ कम पानी में कई फसलों की पैदावार प्राप्त कर सकते हैं. वर्तमान समय में कई किसानों का भी रुझान इस तकनीक की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि इसमें कम भूमि के साथ–साथ पानी की आवश्यकता भी ज्यादा नहीं पड़ती है.

इसलिए किसानों के लिए यह तकनीक काफी सफल साबित हो रही है. सघन खेती से किसानों की आमदनी में इजाफा होता है साथ ही पैदावार भी अच्छी प्राप्त होती है. तो चलिए जानते हैं सघन खेती/ गहन खेती क्या है और इससे किसानों को क्या लाभ मिल रहा है.

सघन खेती के लाभ

111 वां पंतनगर किसान मेला 24-27 मार्च 2022 तक

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गोविन्द बल्लभ पंत यूनिवर्सिटी एंड टेक्नोलॉजी का 111वां किसान मेला मार्च में शुरू होगा। शनिवार को विवि कुलपति डॉ.

अधिक जनसंख्या और गिरती उपज का एक मात्र हल जैविक खेती

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 दुनिया की धरती 60 वर्षों में अनउपजाऊ हो जायेगी अगर किसान रासायनिक खाद का इसी प्रकार प्रयोग करते रहे। इसमें विशेष अंदाजा लगाना कठिन नहीं कि उस समय दुनिया में अनाज की कितनी कमी हो जायेगी और भूखमरी से कितना हा-हा-कार मचेगा। इतना तो अवश्य है कि यूरोप के देश जो इस समय यूरिया आदि का बहुत कम इस्तेमाल कर रहे हैं उनकी धरती संभवतः आज से 100 वर्ष तक उपजाऊ रहे अगर, वह धरती को ठीक उपजाऊ और पौष्टिक पदार्थ देते रहे। सिडनी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जौन कराफोल्ड, जो धरती की उपज क्षमता बनाये रखने के विशेषज्ञ हैं, ने चेतावनी दी है कि मनुष्य मात्र को और विशेषकर किसानों को जागरूक होकर इस समस्या का हल करना होगा

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