आलू की फसल में लग सकते हैं झुलसा जैसे रोग, करे बचाव
Submitted by Aksh on 6 December, 2022 - 17:27आलू में कई तरह की बीमारियां और कीटों के लगने का खतरा रहता है,लगातार तापमान गिरने और बदलते मौसम के साथ ही आलू में कई तरह के रोग और कीट लगने लगते हैं, समय रहते इनका प्रबंधन करके किसान नुकसान से बच सकते हैं। "आलू में पछेती अंगमारी या पछेती झुलसा बीमारी बहुत खतरनाक होती है। दो बीमारियों का हमें खास ध्यान रखना होता है, एक अगेती झुलसा और दूसरा पछेती झुलसा रोग। इनसे बचाव के लिए जब एक महीने की फसल हो जाती है तो मैंकोजेब 75 प्रतिशत फंफूदीनाशक की लगभग आठ सौ ग्राम मात्रा प्रति एकड़ खेत के हिसाब से छिड़काव करना चाहिए। इसी के साथ ही आलू की फसल में एक और भी बीमारी देखने को मिलती है, जिसे बैक्टीरियल रॉट य
10 बेहतरीन तिलहनी फसलें, उत्पादन के साथ आय में होगी बढ़ोतरी
Submitted by kisanhelp on 6 December, 2022 - 08:34सब्ज़ी फ़सल उत्पादन में एकीकृत कीट प्रबंधन
Submitted by kisanhelp on 4 December, 2022 - 22:07एकीकृत कीट प्रबंधन, Integrated pest management (आईपीएम) एक गतिशील और उभरती हुई प्रणाली है, जिसमें सभी उचित नियंत्रण कार्यनीति और उपलब्ध सर्विलांस व पूर्वानुमान की जानकारी को स्थायी फ़सल उत्पादन प्रौद्योगिकियों के हिस्से के रूप में उचित अंतराल पर किसानों को वितरित एक समग्र प्रबंधन कार्यक्रम में जोड़ा जाता है.
आईपीएम या एकीकृत कीट प्रबंधन नाशीजीवों के कंट्रोल के लिए बड़े पैमाने पर अपनाई जाने वाली एक विधि है. आईपीएम का लक्ष्य नाशीजीवों की तादाद एक सीमा के नीचे बनाए रखना है. इस सीमा को आर्थिक क्षति सीमा कहा जाता है.





