आओ जानें कैसे तैयार करें गूटी विधि से पौधों की नर्सरी

गूटी विधि में गूटी बांधने का तरीका

गूटी को बांधने का सही समय जुलाई से अगस्त तक का माना जाता है. इस विधि में जिस फलदार पेड़ की नर्सरी के लिए पौध तैयार करनी है, उसकी सीधी टहनियों को 1 से 2 फुट नीचे से चाकू से चारों तरफ करीब 3 इंच की दूरी से मारकर छिलके उतार दिए जाते हैं. इसके बाद छिलके की जगह पर मास घास  लगाई जाती है और इसको पन्नी से लपेटते हुए सूतली से कसकर बांध दिया जाता है. इस प्रक्रिया के करीब 5 दिन बाद गूटी में जड़ें फूटने लगती हैं.

बेहतर उपज के लिए फरवरी माह में कृषि एवं बागवानी कार्यों को करें

बसंत कालीन के समय में कृषि और बागबानी कार्य करने के लिए क्या क्या करना चाहिए यह किसानों को जानकारी होना अति आवश्यक है ,किसान भाई समय के अनुसार अपनी फसलों की देखवल कर सकते हैं 

सब्जियों की खेती

- आलू और टमाटर की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए मैंकोजेब 1.0 किग्रा 75 प्रतिशत हेक्टेयर 500 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें.

उत्तर प्रदेश की 11 शुगर मिलों ने 76 लाख क्विंटल गन्ने का अतिरिक्त सट्टा जारी

उत्तर प्रदेश की 11 शुगर मिलों ने 76 लाख क्विंटल गन्ने का अतिरिक्त सट्टा जारी

अनुमान से ज्यादा गन्ना उत्पादन होने से परेशान किसानों को राहत देने के लिए मंडल की 11 शुगर मिलों ने 76 लाख क्विंटल गन्ने का अतिरिक्त सट्टा जारी कर दिया है। इससे मंडल के करीब 1.21 लाख किसानों को फायदा होगा। जिले की छह शुगर मिलों में से चार ने किसानों को अतिरिक्त सट्टे की सुविधा दी है। हालांकि किनौनी और नंगलामल मिल ने अतिरिक्त सट्टा बढ़ाने से हाथ खड़े कर दिए हैं।

गेहूं की फसल पर पीले रतुआ का हमला

गेहूं की फसल पर पीले रतुआ ने हमला बोल दिया है। किसानों की फसल को पीले रतुआ ने चपेट में लिया है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। कृषि विभाग में बीमारी आने से हड़कंप मचा हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अभी मौसम में नमी रहेंगी। जिससे बीमारी बढ़ने की संभावना रहती है। 

गतवर्षभी आई थी बीमारी : विभागके मुताबिक गत वर्ष 300 हेक्टेयर फसल में और 2013-14 14 हजार हेक्टेयर में पीला रतुआ की बीमारी फैली थी। 

ये है वजह बीमारी की 

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