भारत में पाई जाने वाली मिट्टी, उनके क्षेत्र और उनमें होने वाली फसलें
Submitted by Aksh on 3 December, 2019 - 09:39दुनिया की ज्यादातर फसलें, फल और सब्जियां मिट्टी में होती हैं। लेकिन हर तरह की मिट्टी की एक खासियत होती है और उसमें उसके अनुरुप वाली ही फसलें उगती हैं। आज हम आपको बताते हैं, आप को कौन सी मिट्टी में कौन सी फसल लेनी चाहिए
हमारे देश में एक कहावत है - मिट्टी का तन है मिट्टी में मिल जाएगा। इस बात से हमारी ज़िंदगी में मिट्टी की क्या उपयोगिता है ये समझ आ जाता है। कैल्शियम, सोडियम, एल्युमिनियम, मैग्नीशियम, आयरन, क्ले और मिनरल ऑक्साइड के अवयवों से मिलकर बनी मिट्टी वातावरण को संशोधित भी करती है।
ऊसर भूमि को सुधार कैसे करें
Submitted by Aksh on 17 October, 2019 - 09:44ऊसर सुधार का कार्य मई के अंतिम अथवा जून के प्रथम सप्ताह से प्रारम्भ करना चाहिए। सर्वप्रथम खेत की जुताई करके उसकी मेड़बन्दी कर लें। इसके उपरान्त जिप्सम की आवश्यक मात्रा को खेत में समान रूप से बिखेर कर लगभग 10 सेमी० गहराई तक मिट्टी में मिला दें। जिप्सम मिलाने के तुरन्त बाद खेत में पानी भर दें जो लगभग दो सप्ताह तक भरा रहना चाहिए। ध्यान रहे कि खेत में लगभग 10-15 सेमी० ऊंचाई में पानी अवश्य भरा रहे। ऐसा करने से यह ऊसर भूमि को घुलनशील लवण तथा सोडियम निचली सतहों में निक्षालित हो जाते हैं। जिसे मृदा अम्ल अनुपात एवं पी०एच० कम हो जाता है।
रबी फसलों की बुवाई हेतु उन्नत कृषि यंत्र
Submitted by Aksh on 14 October, 2019 - 10:13रबी फसलों की बुवाई हेतु उन्नत कृषि यंत्र
ट्रैक्टर चालित जीरो टिल ड्रिल
इस यंत्र की बनावट ठीक अन्य सीड ड्रिल्स की ही तरह होती है, परन्तु अन्य सीड ड्रिल्स के मुकाबले इसकी कूड़ बनाने वाली फार बहुत पतले एवं छुरी की तरह होते हैं। इस मशीन का उपयोग खासतौर पर उन खेतों में किया जाता है जहां धान की फसल काटने के बाद नमी की अधिकता के कारण जुताई (बखर) नहीं की जा सकती परन्तु जल्दी बुवाई करना बाध्यता रहती है। इस यंत्र से धान के खेत में गेहूं का अन्य फसल की बुवाई बिना किसी जुताई जोखिम के की जा सकती है। इसे एक साधारण सीड ड्रिल की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।





