Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

कृषि प्रधान देश में किसान क्यों है बेहाल ?

कृषि प्रधान देश  में किसान क्यों बेहाल ?

एक साल पहले फरवरी मार्च के दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में तमिलनाडु के बदहाल किसान पहुंचे थे. उनके प्रतिरोध को हथकंडा, नाटक और फोटोशूट की संज्ञा देने वालों की कोई कमी नहीं थी. डॉयचे वेले में प्रकाशित एक आलेख में बताया गया था कि 2004-05 और 2007-08 में कृषि सेक्टर की सालाना औसत वृद्धि दर पांच फीसदी थी I  लेकिन 2008-09 और 2013-14  में ये गिर कर तीन फीसदी रह गई. इन्हीं अवधियों में अर्थव्यवस्था में क्रमशः नौ और सात फीसदी की सालाना औसत वृद्धि दर्ज की गी. कृषि की बदहाली का ठीकरा खराब मौसम की स्थितियों पर फोड़ा गया है I  

सबका साथ-सबका विकास में किसान शामिल क्यों नहीं ?

सबका साथ-सबका विकास में किसान शामिल क्यों नहीं ?

भाजपा सरकार का कहना है कि वो किसानों के मुद्दों को लेकर संजीदा हैं. बीते साल कई जनसभाओं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प रखती है और इसी दिशा में आगे बढ़ रही है.

प्रधानमंत्री का कहना था कि किसानों की बेहतरी के लिए कृषि उत्पादों की मूल्य वृद्धि के लिए उन्होंने किसान संपदा योजना की घोषणा की है जो "सच्चे अर्थ में देश की अर्थव्यवस्था को एक नया आयाम देगा."

किसानों के प्रदर्शन का वास्तविक कारण क्या है ?

किसानों के प्रदर्शन का वास्तविक कारण क्या है ?

देश की सरकार आज फिर तमाशा वीन बन कर किसानों के आंदोलन का आनन्द लेती नजर आ रही है । मुंबई के आज़ाद मैदान में 30000 आदिवासी किसान 180 किलोमीटर तक पैदल मार्च करते हुए पहुँच गए हैं। ये किसान इस प्रदर्शन के ज़रिए इन मांगों को मनवाने की कोशिश कर रहे हैं।
किसानों द्वारा प्रमुख माँग
वन अधिकार कानून , 2006 सही ढंग से लागू हो
स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों को लागू किया जाए
सरकार कर्ज़ माफ़ी के वादे को पूरी तरह से लागू क रे
लेकिन सवाल ये है कि इन मांगों का सही-सही मतलब क्या है?

पूर्ण कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर करीब 30 हजार किसान पैदल मार्च

पूर्ण कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर करीब 30 हजार किसान पैदल मार्च

पूर्ण कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर करीब 30 हजार किसान पैदल मार्च करते हुए सोमवार को नासिक से मुंबई पहुंचे। इस मोर्चे (लॉन्ग मार्च) की अगुआई सीपीएम का किसान संगठन अखिल भारतीय किसान सभा कर रही है। किसानों के प्रतिनिधि मंडल और मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस के बीच मुलाकात जारी है। अगर ये मीटिंग नाकाम रहती है तो किसान विधानसभा का घेराव करेंगे। किसानों के समर्थन में सत्तारूढ़ शिवसेना और राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) आ गई है। देर रात किसानों से मिलने पहुंचे राज ठाकरे ने कहा, "उन्हें को जब भी मेरी जरूरत होगी, मैं हाजिर हो जाऊंगा।" कांग्रेस ने पहले ही इस मोर्चे को समर्थन दे द

Pages