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राजस्थान

राजस्थान भारत का एक प्रान्त है। यहाँ की राजधानी जयपुर है।

राजस्थान भारत गणराज्य का क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ा राज्य है। इसके पश्चिम में पाकिस्तान, दक्षिण-पश्चिम में गुजरात, दक्षिण-पूर्व में मध्यप्रदेश, उत्तर में पंजाब (भारत), उत्तर-पूर्व में उत्तरप्रदेश और हरियाणा है। राज्य का क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग कि॰मी॰ (1,32,139 वर्ग मील) है। जीडीपी के दर से यह नवे (9) नंबर पे आता है उत्तर प्रदेश और बिहार भी जीडीपी दर में इससे कही आगे है शिक्षा दर में भी यह राज्य अपने पडोसी राज्यों जैसे पंजाब गुजरात से बहुत पिछड़ा है

जयपुर राज्य की राजधानी है। भौगोलिक विशेषताओं में पश्चिम में थार मरूस्थल और घग्गर नदी का अंतिम छोर है। विश्व की पुरातन श्रेणियों में प्रमुख अरावली श्रेणी राजस्थान की एक मात्र पर्वत श्रेणी है, जो कि पर्यटन का केन्द्र है, माउंट आबू और विश्वविख्यात दिलवाड़ा मंदिर सम्मिलित करती है। पूर्वी राजस्थान में दो बाघ अभयारण्य, रणथम्भौर एवं सरिस्का हैं और भरतपुर के समीप केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान है, जो सुदूर साइबेरिया से आने वाले सारसों और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रजाति के अनेकानेक पक्षियों के संरक्षित-आवास के रूप में विकसित किया गया है।
राजस्थान की जलवायु
राजस्थान की जलवायु शुष्क से उप-आर्द्र मानसूनी जलवायु है। अरावली के पश्चिम में न्यून वर्षा, उच्च दैनिक एवं वार्षिक तापान्तर, निम्न आर्द्रता तथा तीव्र हवाओं युक्त शुष्क जलवायु है। दूसरी ओर अरावली के पूर्व में अर्धशुष्क एवं उप-आर्द्र जलवायु है। अक्षांशीय स्थिति, समुद्र से दूरी, समुद्र ताल से से ऊंचाई, अरावली पर्वत श्रेणियों की स्थिति एवं दिशा, वनस्पति आवरण आदि सभी यहाँ की जलवायु को प्रभवित करते हैं।

अच्छी खेती के लिए अपने विचारों को करेंगे साझा

अच्छी खेती के लिए अपने विचारों को करेंगे साझा

कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान और छत्तीसगढ़ के किसान दोनों राज्यों में खेती के क्षेत्र में हो रहे प्रयोगों पर अपने अनुभवों को साझा करेंगे।

कृषि विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘दोनों राज्यों की जलवायु और मिट्टी की किस्में अलग-अलग हैं। नए विचारों और अच्छे कार्य-व्यवहारों के साझा करने से दोनों राज्यों को उत्पादकता बढ़ाने के अलावा कृषि क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी।''

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और राजस्थान के कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी के बीच पिछले दिनों कोटा में आयोजित बैठक में इसके लिए सहमति बनी।

किसानों की यूरिया का हक मार रहे तस्कर

किसानों की यूरिया का हक मार रहे तस्कर

बेहद लचर वितरण प्रणाली और कालाबाजारी इस कमी को उस मुकाम पर ले जाती है जहां किसान या तो कराह उठता है या फिर हल की जगह डंडे और लाठियां उठा लेता है. ऊपर जो चार वाकये पेश किए गए हैं, दरअसल यह पूरे उत्तर और मध्य भारत के लाखों किसानों की हर रोज एक बोरी यूरिया पाने की जद्दोजहद की बहुत छोटी-सी झलक भर हैं.

उर्वरकों के उपयोग और पूर्ति पर देश भर में नज़र रखने वाले केंद्रीय मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार यूरिया समेत अन्य उर्वरकों की तस्करी के मामलों में उत्तर प्रदेश राज्य पूरे देश में अव्वल है।

राजस्थान में तीन साल में दुगुनी हो गई आर्गेनिक फार्मिंग :कृषि मंत्रालय

 राजस्थान में तीन साल में दुगुनी हो गई आर्गेनिक फार्मिंग

पेस्टीसाइड और केमिकल्स के खाद्यान्न उत्पादन में बढ़ते उपयोग के बीच प्रदेश के लिए एक अच्छी खबर है। बड़ी तादात में हमारे किसानों ने फसलों में रसायनिक खाद और केमिकल का उपयोग करना बंद कर दिया है। ऑर्गेनिक फार्मिंग बहुत तेजी से बढ़ रही है। राजस्थान में वर्ष 2015-16 में 1,55020 हैक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती की गई। इसमें 58,534 मैट्रिक टन जैविक उत्पादन हासिल किया गया।

 

 

सूखे से निपटने के लिए पर्याप्त कोष नहीं दे रहीं सरकारें

सूखे से निपटने के लिए पर्याप्त कोष नहीं दे रहीं सरकारें

राज्यसभा में सदस्यों ने महाराष्ट्र सहित 11 राज्यों में पीने के पानी के गंभीर संकट और किसानों की बढ़ती आत्महत्या पर चिंता जाहिर की। विपक्ष ने सरकार पर इन राज्यों के लिए पर्याप्त कोष जारी नहीं करने का आरोप लगाया। मौजूदा समय में पेयजल की समस्या बने रहने का उल्लेख करते हुए सदस्यों ने सरकार से देश भर में लंबित 312 सिंचाई परियोजनाओं को समयसीमा में पूरी करने को कहा। इन परियोजनाओं से पीने के लिए पानी की आपूर्ति और कृषि को फायदा होगा।

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