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23 दिसम्बर को किसान दिवस मनाने की तैयारियां शुरू

किसान दिवस

किसान हेल्प लाइन ने पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत चौधरी चरण सिंह के जन्म दिवस 23 दिसम्बर को  किसान  दिवस के रुप में मनाने का निर्णय लिया है। kisanhelp के संरक्षक राधा कान्त जी ने मासिक कार्यक्रम में 23 दिसम्बर को पूरे देश में किसान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की  उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में 70% भागीदारी रखने वाला किसान आज़ादी से लेकर आजतक उपेक्षित रहा है

गेहूं की जगह अमरूद पैदाकर कमा रहे लाभ

 गेहूं की जगह अमरूद पैदाकर कमा रहे लाभ

गेहूं, धान और सरसों जैसी परंपरागत फसलों को छोड़कर फलों की खेती करना सोईं क्षेत्र के किसानों के लिए लाभ का धंधा साबित हुआ। जिस खेत में 10 हजार का गेहूं या फिर 14 हजार रुपए का धान होता था, उसी खेत में 65 से 70 हजार रुपए के अमरूद पैदा हो रहे हैं। फलों की खेती से हो रहे फायदे को देख किसानों में पारंपरिक खेती छोड़ फलो उद्योन करने की होड़ सी मच गई है। इसका असर किसानों की आर्थिक हालत पर सकरात्मक तो पड़ा ही है साथ ही जिले में उग रहे अमरूद महानगरों में श्योपुर को विशेष पहचान देने का काम

कर रहे हैं।

खाद्य के नए स्त्रोत भी तलाशने होंगे : कृषि मंत्री

खाद्य के नए स्त्रोत भी तलाशने होंगे : कृषि मंत्री

हरित क्रांति के बाद भारतीय खेती चुनौतियों के नए चौराहे पर खड़ी है। छोटी जोत, भूमि की घटती उर्वरता, सीमित होते प्राकृतिक संसाधनों के बीच खाद्यान्न की पैदावार बढ़ाना एक गंभीर चुनौती है। उससे भी बड़ी मुश्किल कृषि उपज का उचित मूल्य दिलाना और खेती को लाभ का कारोबार बनाना है।

खेती से मुंह मोड़ रहे युवाओं के लिए इस क्षेत्र को आकर्षक बनाना है, ताकि विकास की निरंतरता कायम रह सके। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने हरित क्रांति के स्वर्ण जयंती पर शुक्रवार को आयोजित समारोह में शामिल वैज्ञानिकों के समक्ष चिंताओं से उन्हें अवगत कराया।

हरितक्रांति की होड़ में उपेक्षित हो गई पीत क्रांति

हरितक्रांति की होड़ में उपेक्षित हो गई पीत क्रांति

 हरितक्रांति से खाद्यान्न क्षेत्र में देश भले ही आत्मनिर्भर हो गया हो, लेकिन दलहन व तिलहन की खेती का दिवाला निकल गया। हरितक्रांति को सफल बनाने की होड़ में पीत क्रांति उपेक्षा की शिकार हो गई। लिहाजा घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए दाल व खाद्य तेलों के आयात पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये खर्च करना पड़ रहा है।

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