आधुनिक खेती के लिए किसानों को उपकरण पर अनुदान

आधुनिक खेती के लिए किसानों को 20 फीसदी दाम पर कृषि उपकरण मिल रहे हैं। यानी एक लाख रुपए का कृषि यंत्र मात्र 20 हजार रुपए में किसानों को मिल जाएगा। यह 20 हजार रुपए भी किसानों को नकद नहीं देना पड़ेंगे, वे इस राशि का लोन ले सकते हैं जो किस्तों में चुकाना होगा। इसके लिए आधा दर्जन योजनाएं हैं। प्रदेश के हजारों किसान इसका लाभ ले भी चुके हैं। रबी सीजन में अब यह उपकरण अनुदान पर मिल रहे हैं।

रबी सीजन शुरू हो गया है। कम पानी में भी फसलों की अच्छी पैदावार के लिए किसान सिंचाई उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार भी सिंचाई उपकरणों पर अनुदान तो दे ही रही है, साथ ही इन पर ऋण सुविधा भी मुहैया करा रही है। मध्यप्रदेश सरकार टपक (ड्रिप) सिंचाई, स्प्रिंकलर, पाइपलाइन पर उद्यानिकी और कृषि विभाग सब्सिडी दे रही है। कृषि यंत्र खरीदने के लिए विभाग ने ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू की है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। किसानों को 65 से 80 फीसदी तक अनुदान मिल रहा है। किसानों की सहुलियत को देखते हुए राष्ट्रीयकृत बैंक सहित अन्य सोसायटियों के माध्यम से ऋण की सुविधा भी दे रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक साग-भाजी, मिर्च की फसल की सिंचाई ड्रिप सिस्टम से करना चाहिए। चना, गेहूं फसल की सिंचाई में स्प्रिंकलर सिस्टम का प्रयोग करना चाहिए।

टपक (ड्रिप) सिंचाई : 80,000 रु. कीमत

लघुसीमांत : 42700 अनुदान व 15000 टॉपअप

अन्य श्रेणी : 29890 अनुदान व 15000 टॉपअप

लोन : आईएसआई मार्क एक लाख रुपए तक लोन, लोन जमा करने की अवधि 5 साल, पात्रता : जिन किसानों के पास 1 हेक्टेयर कृषि भूमि हो।

पाइपलाइन

25 रुपए प्रति मीटर या 15 हजार रुपए अनुदान दिया जाता है। अधिकतम 600 मीटर पाइप पर अनुदान पर मिलता है।

विद्युत पंप (एसेसरीज सहित)

2 एचपी पर 22 हजार, 3 एचपी पर 24 हजार, 5 एचपी पर 33 हजार, 7.50 एचपी पर 40 हजार, 7.50 एचपी से ऊपर 45 हजार।

अनुदान : 50 फीसदी तक

लोन : खरीदे गए पंप की राशि तक

अवधि : तीन से पांच साल तक

पात्र : जिनके पास 1.60 हेक्टेयर कृषि भूमि है

पाइपलाइन 25 रुपए प्रति मीटर या 15 हजार रुपए अनुदान दिया जाता है। अधिकतम 600 मीटर पाइप पर अनुदान पर मिलता है।

लोन : 63 एमएम पर 60, 75 एमएम पर 85, 90 एमएम पर 110, 110 एमएम पर 160 और 140 एमएम पर 180 रु. प्रति मीटर। अवधि : 3 से 5 साल पात्रता : 1.60 हेक्टे. कृषि भूमि हो।

डीजल पंप (एसेसरीज सहित)

5 एचपी का 38 हजार, 7.50 एचपी का 40 हजार और 10 एचपी का 45 हजार रुपए

अनुदान : 50 फीसदी तक

लोन : खरीदे गए पंप की राशि तक

अवधि : पांच साल तक

पात्रता : जिन किसानाें के पास 1.60 हेक्टेयर कृषि भूमि है।

स्प्रिंकलर 20 हजार रु. कीमत है।

लघुसीमांत : 9800 अनुदान, 4500 टॉपअप

अन्य श्रेणी : 6860 अनुदान व 4500 टॉपअप

लोन : 25000 रुपए तक (आईएसआई मार्क पर) अवधि : 5 साल

पात्रता : जिन किसानों के पास एक हेक्टेयर कृषि भूमि हो।

स्प्रिंकलर

20 हजार रुपए कीमत। 10 हजार रु. अनुदान व 4500 टॉपअप या 50% (जो भी कम हो)

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई)

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) योजना

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) सोलर पैनल्स पर 40 फीसदी सब्सिडी देती है। किसानों को 20 फीसदी डाउन पेमेंट देना होता है, शेष पर लोन मिलता है। नाबार्ड एजीएम खंडवा मनोज वी पाटिल ने बताया लघु सीमांत और एसटी-एससी किसानों को योजना का लाभ मिल सकेगा। किसान के पास एक एकड़ से अधिक जमीन होना चाहिए। इन्हें केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 80 फीसदी तक अनुदान देगी।

सिंचाई यंत्र यंत्र की कीमत सब्सिडी डाउन पेमेंट बैंक लोन

3 एचपी सोलर पम्प 4,15,000/- 1,29,600/- 83000/- 2,02400/-

5 एचपी पम्प 6,10,000/- 2,16,000/- 1,22,000/- 2,72,000/-

इस योजना के अंतर्गत उद्यानिकी की फसल करने वाले किसानों को लोन िदया जाता है

टपक (ड्रिप) सिंचाई : 16 एमएम नली 1,35000/- टपक सिंचाई : 12 एमएम नली 1,00,000

सामान्य एससी-एसटी बड़ा कृषक (जिनकी जमीन दो हेक्टेयर से ज्यादा हो) 65 फीसदी

लघुसीमांत एससी-एसटी 80 फीसदी सामान्य लघुसीमांत 70 फीसदी

लोन : आईएसआई मार्क एक लाख रुपए तक लोन, लोन जमा करने की अवधि 5 साल, पात्र : जिनके पास 1 हेक्टेयर कृषि भूमि हो।

अनुदान का भुगतान कृषि विभाग के उपसंचालक या सहायक कृषि यंत्री अथवा कृषि अभियांत्रिकी द्वारा किया जाएगा। भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट ट्रैकिंग सिस्टम में दर्ज होने के बाद बजट उपलब्ध होने की स्थिति में एक महीने में राशि का भुगतान किया जाएगा।