गन्ना के साथ करें सहफसली खेती

गन्ना के साथ करें सहफसली खेती

 धामपुर शुगर मिल की ओर से निकाली जा रही मानसून गन्ना बुवाई जागरूकता रैली के माध्यम से किसानों को सहफसली गन्ना खेती के लाभों से अवगत कराया गया। 

सियासत की फसल, चुनौतियों की खेती

सियासत की फसल, चुनौतियों की खेती

खेती-किसानी को लेकर भले ही सियासत की फसल खूब लहलहा रही हो, लेकिन उत्तराखंड में खेती की हालत बेहद नाजुक हो चली है। आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। 12 साल पहले राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान 16.04 फीसद था, जो घटकर अब 8.94 फीसद पर आ गया है। यही नहीं, राज्य गठन से अब तक के वक्फे में 72 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि बंजर में तब्दील हो गई। हालांकि, गैर सरकारी आंकड़ों में यह संख्या एक लाख हेक्टेयर पार कर गई है। सूबे के पहाड़ी क्षेत्र में खेती आज भी सिंचाई की राह ताक रही है। ऐसे तमाम मामलों के बीच खेती की दशा को सुधारना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।

भारतीय नस्ल की गाय

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भारतीय नस्ल की गाय

हिन्दू धर्म में गाय को पूजनीय और पवित्र माना जाता है। हमारे देश ८०% लोग कृषि पर निर्भर है । इनमें से ९५% पशु आधारित खेती पर निर्भर हैं । बैलगाड़ियों द्वारा ढोया जाने वाले सामान रेलगाड़ियों से ४-५ गुणा अधिक होता है । इससे विदेशी मुद्रा की उल्लेखनीय बचत होती है । उदाहरणार्थ वर्ष २००५ में ५०,००० करोड़ रू. का परिवहन बैलगाड़ियों द्वारा हुआ । गो आधारित उद्योगों के विस्तार से हमारी अर्थ व्यवस्था में गाय की महत्वपूर्ण भूमिका हो जायेगी । यह दुःख का विषय है कि इसका पहले से ही महत्वपूर्ण स्थान हमारे लोग नहीं पहचानते ।

अन्नदाता से मजदूर में तब्दील होता किसान

अन्नदाता से मजदूर में तब्दील होता किसान

देश का अन्नदाता भूखा है। उसके बच्चे भूखे हैं। भूख और आजीविका की अनिश्चितता उसे खेती किसानी छोड़कर मजदूर या खेतिहर मजदूर बनने को विवश कर रही है। विख्यात कथाकार मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कहानी ‘पूस की एक रात’ का ‘हल्कू’ आज भी इस निर्मम और संवेदनहीन व्यवस्था का एक सच है। यह खबर वाकई चिंताजनक है कि महाराष्ट्र में पिछले पांच सालों में कम से एक लाख किसान खेती-बाड़ी छोड़ चुके हैं। यह बात कृषि जनगणना के ताजा आंकड़ों में सामने आई है। 2010-11 के कृषि जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में 1 करोड़ 36 लाख खेती कर रहे थे। ताजा जनगणना में यह संख्या घटकर 1 करोड़ 35 लाख पर पहुंच गई है। वर्ष 2005-06 म

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