मौसम परिवर्तन के अनुरूप करें खेती

मौसम परिवर्तन के अनुरूप करें खेती

मौसम में अभी और ठंडक घुलने के इंतजार में किसान रबी फसल की बोवनी के लिए अपने खेतों को तैयार करने में जुटे है। किसान जहां खेतों में पलेवा कर रहे है तो कृषि विभाग के अधिकारी भी सोसाइटी के माध्यम से किसानों को बीज और उर्वरक मुहैया कराने की तैयारियों में जुट गए है। खुद कृषि विभाग के अधिकारियों का भी मानना है किसानों को बोवनी के लिए अभी एक पखवाड़े इंतजार करना चाहिए। गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों की बोवनी शुरू कर देने से कोई खास नुकसान नहीं होने की बात भी अधिकारी कर रहे है। किसान बोवनी के लिए पलेवा कर जमीन को तैयार कर रहे है। लेकिन अभी मौसम में पर्याप्त ठंडक नहीं होने के कारण किसान और ज्यादा ठंडक घुलने

500 और 1000 के नोट बन्द करने से क्या हो सकता है किसानों को लाभ ?

500 और 1000 के नोट बन्द करने से क्या हो सकता है किसानों को लाभ  ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''मैं आज आपसे कुछ महत्वपूर्ण विषय और निर्णय साझा करूंगा। आप सभी के सहयोग और भरोसे से आज विश्व में भारत ने अपनी चमकती उपस्थिति दर्ज कराई है। ये सिर्फ दावा नहीं है, आवाज़ IMF और वर्ल्ड बैंक से गूंज रही है। हमारी सरकार गरीबों को समर्पित है और रहेगी। हमारा मूल मंत्र है सबका साथ सबका विकास ये मूलमंत्र हमेशा रहेगा।''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जैसे आधी रात से 500 और 1000 रुपए के नोट अमान्य घोषित किया उसी समय देश के अंदर हर तपके का इंसान घबराय गया। सभी एक मन में यह सवाल उठने लगा की अब उनके पास जो 500 और 1000 के नोट का क्या होगा। उनके रखये पैसे कहां चलेगा और कैसे।

विकास की अंधी दौड़ बिगाड़ रही है प्राकृतिक संतुलन : प्रधानमंत्री

विकास की अंधी दौड़ बिगाड़ रही है प्राकृतिक संतुलन : प्रधानमंत्री

तापमान बढ़ने से पौधों और जीव-जंतुओं के जीवन-चक्र में बदलाव आ रहा है। इसकी वजह से रोजाना 50 से डेढ़ सौ प्रजातियां खत्म हो रही हैं।  विकास की अंधी दौड़ से पैदा हुई चुनौतियों के चलते जैव प्रजातियों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे निपटने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिकों, नीति नियामकों और शिक्षाविदों से समुचित उपाय ढूंढने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक खाद्य सुरक्षा, पौष्टिकता, स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा के लिए जैव विविधता के संरक्षण पर चर्चा अहम हो गई है। तापमान बढ़ने से पौधों और जीव-जंतुओं के जीवन-चक्र में बदलाव आ रहा है। इसकी वजह से रोजाना 50 से डेढ़

एग्रीकल्‍चर में कल्‍चर का अहम योगदान: पीएम मोदी

एग्रीकल्‍चर में कल्‍चर का अहम योगदान: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को पहले अंतरराष्ट्रीय कृषि जैव विविधता सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत जैव-कृषि विविधता का भंडार है। कृषि जैव विविधता के मामले में भारत बहुत ही समृद्ध है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब हमें गंभीरता से जैव-कृषि संरक्षण पर सोचने की जरूरत है।

'एग्रीकल्चर में कल्चर का अहम रोल'

एग्रीकल्चर में कल्चर का अहम योगदान है, एग्रीकल्चर के सतत विकास के लिए संस्कृति और परंपरा का योगदान जरूरी है। 50 से अधिक प्रजातियां रोजाना खत्म हो रही हैं।

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