फर्जी किसानों पर आयकर की नजर

फर्जी किसानों पर आयकर की नजर

 ऐसे लोग जो खेती-बाड़ी से होने वाली भारी-भरकम आय दिखाकर टैक्स छूट का फायदा उठाते हैं, वे सतर्क हो जाएं। ब्लूमबर्गक्विंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग ने करीब 50 ऐसे संदिग्ध लोगों की सूची बना ली है, जिन्होंने खेती से 50 लाख रुपए से ज्यादा की आय दिखाई है।

दरअसल, पिछले साल दिसंबर में पूर्व वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने संसद में कहा था कि केंद्र सरकार यह पता करने की कोशिश कर रही है कि मार्च 2016 तक पिछले 9 वर्षों में जिन करदाताओं ने खेती से होने वाली आय 1 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई है, वह कितना सही है।

इसरो ने दिया नया हथियार

किसान हैल्प परिवार ने देशवासियों को दी विजय दशमी की बधाईयाँ

किसान हैल्प परिवार ने देशवासियों को दी विजय दशमी की बधाईयाँ

आज दशहरे का शुभ दिवस है। मां दुर्गा पृथ्वी से अपने लोक के ल‌िए प्रस्‍थान करती हैं। आज ही के दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध भी क‌िया था और बुराई पर अच्छाई की जीत हुई थी। इसके साथ-साथ ये माना जाता है कि इस दिन कुबेर ने स्वर्ण की वर्षा करके धरती वास‌ियों को धन धान्य से खुशहाल बनाया था, इसलिए आज का दिन लोगों के लिए शुभ माना जाता है।दशहरा पर्व भारतीय संस्कृति में सबसे ज्यादा बेसब्री के साथ इंतजार किये जाने वाला त्यौहार है। 

हाकिम तो बदले , किसान के हालात नही

हाकिम तो बदले , किसान के हालात नही

केंद्र सरकार ने देश बदलने का बीड़ा उठाया है। कहा जा रहा है कि देश बदल रहा है। देश के लोगों का जीवन बेहतर करने का जिम्मा नीति आयोग नाम की नई संस्था को दिया गया है। मगर दिलचस्प यह है कि नीति आयोग काम तो करता है देश के लिए पंचवर्षीय योजनाएं बनाने वाले योजना आयोग की बिल्डिंग में ही। लेकिन अब वह पांच की बजाय पंद्रह साल की योजना बना रहा है। इसलिए नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय ने सरकार की कमाई बढ़ाने का एक नया रास्ता खोज निकाला है। उनका सुझाव है कि किसानों पर इनकम टैक्स लगाया जाए। देबरॉय के मुताबिक, देश में किसान अच्छी-खासी आमदनी करते हैं लेकिन आय कर नहीं चुकाते हैं। हालांकि उनको पता है कि देश क

उत्पादन कम होने के कारण

1970 तक देश के अधिकांश भागों में औसत उत्पादन स्तर अधिकांश विकसित व कई विकासशील देशों (इण्डोनेशिया, फ़िलिपीन्स, मेक्सिको, ब्राजील, ईसीएम के देश आदि) से भी काफ़ी कम रहा, किन्तु 'हरित क्रान्ति' एवं निरन्तर सरकार द्वारा कृषकों को लाभप्रद मूल्य दिलाने की प्रवृत्ति से कृषक अनेक प्रकार की नई तकनीकि अपनाते रहे हैं। रबी की फ़सल काल में सरसों एवं खरीफ मेंसोयाबीन व मूंगफली का बढ़ता उत्पादन सरकार द्वारा ऊँची कीमतें निर्धारित करने से ही सम्भव हो सका है। आज राजस्थान सरसों एवं तिल, गुजरात मूंगफली एवं मध्य प्रदेश सोयाबीन उत्पादक प्रमुख प्रदेश बन गये हैं। भाग्यवादी भारतीय किसान कृषि उत्पादन संबंधी उसे पर्या

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