इफ्को ने खाद पर 50 रुपये प्रति बोरी घटाई कीमत

इफ्को ने खाद पर 50 रुपये प्रति बोरी घटाई कीमत

देश में किसानों की सबसे बड़ी खाद बनाने वाली सहकारी समिति इफको ने डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) सहित कई खाद की कीमतों में 50 रुपये की कटौती कर दी है। यह कमी कच्चे माल और वैश्विक कीमतों में हुई कटौती के तहत की गई है।

किसान सम्मान निधि योजना की किश्त पाने के लिए आधार नंबर को लिंक करने की तारीख30 नवंबर तक

किसान सम्मान निधि योजना की किश्त पाने के लिए आधार नंबर को लिंक करने की तारीख30 नवंबर तक

दिवाली से पहले केंद्र सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किश्त पाने के लिए आधार नंबर को लिंक करने की तारीख बढ़ा दी है। किसान अब 30 नवंबर तक अपना आधार नंबर लिंक कर सकते हैं।

क्लाइमेटिक जोन की खेती से आ सकती है कृषि क्षेत्र की रफ्तार

पेट भरने वाला कृषि क्षेत्र अब खुद की समस्याओं के पहाड़ से दबता जा रहा है। उबारने की इसकी जितनी कोशिश की गई, वह उतनी ही मुश्किलों के दलदल में धंसता जा रहा है। हरितक्रांति की सफलता की खुमारी में डूबा कृषि क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा लगातार नजरअंदाज होता रहा, जिसके चलते खेती की मूलभूत जरूरतों और बुनियादी ढांचों पर गंभीरता नहीं बरती गई। यही वजह है कि मौजूदा खेती खुद के साथ किसानों के लिए मुश्किलों का सबब बन गई है। थम गई विकास की दर को बढ़ाने के लिए खेती में वैज्ञानिक बदलाव जरूरी हो गया है।

पीएम-किसान पोर्टल पर सीधे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

पीएम-किसान पोर्टल पर सीधे कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ के लिए किसानों को अब राज्यों का मोहताज नहीं होगा। केंद्र सरकार ने पीएम-किसान पोर्टल बना दिया है, जिस पर किसान अपने विस्तृत ब्यौरे का साथ रजिस्ट्रेशन करा सकता है। इसका सबसे ज्यादा लाभ पश्चिम बंगाल के लगभग एक करोड़ किसानों को मिल सकता है, जहां की सरकार ने अभी तक एक भी किसान के नाम इस योजना के लिए केंद्र के पास नहीं भेजा है।

पश्चिम बंगाल के करीब एक करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ

मोदी सरकार ने मानी गन्ना किसानों की 5 मांगें

उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के आंदोलन के चलते नई दिल्ली की राजनीती गरमा गई थी। सहारनपुर से दिल्ली आते आते किसानों का यह आंदोलन तूल पकड़ रहा था, जिसकी वजह से सरकार के फैसले पर सबकी नजरें टिकी थी। पैदल मार्च कर आए भारतीय किसान संगठन की 15 में से 5 मांगें केंद्र सरकार ने मान ली हैं, जिसके बाद किसानों ने शनिवार को अपने आंदोलन को खत्म करने का ऐलान किया। माने हुए प्रमुख मांगो में से जल्द से जल्द गन्ना भुगतान करना और फसलों के न्यूनतम मूल्य तय करने के लिए समिति में किसानों के प्रतिनिधि की नियुक्ति करना है। किसानों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने कृषि मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बातें