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किसानों का वेतन आयोग कब आएगा ?

देश में नौकर शाही वर्ग के लिए सांतवा वेतन आयोग की सिफारिश हो गई जो की देश की जनसँख्या के 7 से 12 प्रतिशत है लेकिन किसानो के लिए किसी सरकार द्वारा किसी आयोग की व्यवस्था नही की जिनकी  संख्या देश 60 से 70 प्रतिशत है किसान देश की अर्थव्यवस्था में भी 70 प्रतिशत हिस्से दारी रखते है फिर भी प्रत्येक सरकार द्वारा उपेक्षित हैं क्यों ?
मैं पूछता हूँ सभी सरकारी तंत्र से कि नौकरशाही की तरह किसानों की कोई व्यवस्था क्यों नही है प्रतिवर्ष किसानों को भी वृद्दि चाहिए 
परन्तु ऐसा नही हो रहा है किसानो के उत्पादन के मूल्य जस के तस है बाकी सभी वस्तुओं के मूल्य में लगातार वृद्धि हो रही है 

दूर होगी दाल की किल्लत आईएआरआई के वैज्ञानिकों ने अरहर की तैयार की एक नई किस्म

दूर होगी दाल की किल्लत आईएआरआई के वैज्ञानिकों ने अरहर की  तैयार की एक नई किस्म

दाल कभी गरीबों का भोजन माना जाता था लेकिन अब दाल गरीबों के लिए एक दिवा स्वप्न से अधिक नही है दाल की किल्लत को देखते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) के वैज्ञानिकों ने अरहर की एक नई किस्म तैयार की है जिसकी फसल न सिर्फ कम समय में पककर तैयार हो जाएगी बल्कि उससे उत्पादन भी अधिक होगा। इस किस्म के आने से जहां देश में दलहन का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, वहीं यह किसानों के लिए विशेष फायदेमंद होगी।  दालों की आसमान छूती कीमतों के मद्देनजर एक राहत की खबर है।

कृषि क्षेत्र में बढी महिलाओं की भागेदारी

कृषि क्षेत्र में बढी महिलाओं की भागेदारी

शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे सेक्टर में आगे चल रहीं महिलाएं अब खेती किसानी में भी आगे आ गई हैं। बुधवार को यह बात इंदिरागांधी प्रतिष्ठान में आयोजित महिला किसान संवाद सम्मेलन में गोरखपुर एनवायरमेंटल ग्रुप ने अपनी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कही। इस रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा समय में यूपी के किसानों के कुल प्रतिशत में 67 प्रतिशत महिलाएं हैं और इसकी मुख्य वजह क्लाइमेट चेंज है। सम्मेलन में किसानों के सवालों के जवाब देने के लिए बनाए गए एक्सपर्ट पैनल में राज्य परियोजना अधिकारी और राज्य आपदा प्रबन्ध प्राधिकरण अदिति उमराव, पर्यावरण निदेशालय से इंजीनियर सुब्रयंत, एक्शनन एठ संस्था के खालिद, अनुराग यादव रहे। प

बदले मौसम से रबी फसलों को राहत

बदले मौसम से रबी फसलों को राहत

 मकर संक्रांति के बाद मौसम के बदले मिजाज ने रबी फसलों की आस बढ़ा दी है। पिछले दो दिनों में बढ़ी सर्दी से रबी फसलों को भारी राहत मिली है।मौसम के बिगड़े तेवर का असर रबी फसलों पर पड़ने लगा है।

दिसंबर से मध्य जनवरी तक बढ़ी गरमी ने किसानों के होश उड़ा दिये थे। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के असिंचित क्षेत्रों में मिट्टी में नमी की कमी के चलते गेहूं की बुवाई नहीं हो पाई है।

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