किसान
आखिर किसान ही सभी वर्ग के निशाने पर क्यों हैं ?
Submitted by Aksh on 16 December, 2017 - 14:46सरकार ने हाल ही में उच्चतम न्यायालय में स्वीकार किया कि मुख्य रूप से नुकसान और कर्ज की वजह से पिछले चार वर्षों में लगभग 48,000 किसान अपनी ज़िन्दगी खत्म कर चुके हैं। सरकार के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आँकड़ों से पता चलता है कि यही प्रवृत्ति 1997-2012 के दौरान रही, इस दौरान करीब 2,50,000 किसानों ने अपना जीवन गँवाया, इस अवधि के बाद सरकार विवरण देना बंद कर दिया। खर्चों को पूरा करने के लिए किसानों को बैंकों से या स्थानीय ऋणदाताओं से अपनी फसलों को बोने के लिए उधार लेना पड़ता है। ज़्यादातर मामलों में स्थानीय ऋणदाता होते हैं जो कर्ज देते हैं। एनएसएसओ आँकड़ों के मुताबिक 52% से अधिक
देश कब तक कृषि और किसानों की अनदेखी करता रहेगा
Submitted by Aksh on 8 December, 2017 - 14:34इस बात में कोई संदेह नहीं कि देश को एक गंभीर कृषि संकट का सामना करना पड़ रहा है। हर वर्ष उर्वरक और बीजों जैसे कृषि इनपुट्स की कीमतें बढ़ती जबकि खेती से आय कम होती जा रही है। इसके साथ ही जोत का आकार लगातार सिकुड़ता जा रहा है। ग्रामीण युवकों की बेरोजगारी में बहुत अधिक उछाल आया है। कृषि अब लाभदायक धंधा नहीं रह गया। दूसरी ओर युवकों के लिए रोजगार के अवसर बहुत कम रह गए हैं। यही स्थिति हताशा और आक्रोश को हवा दे रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश भर में आत्महत्याएं करने वाले किसानों की संख्या गत वर्ष 12,000 का आंकड़ा पार कर गई थी। वास्तव में कुछ वर्ष पूर्व तो स्थिति इससे भी बदतर थी। गत 2 वर्षों स
हाकिम तो बदले , किसान के हालात नही
Submitted by Aksh on 24 September, 2017 - 13:07केंद्र सरकार ने देश बदलने का बीड़ा उठाया है। कहा जा रहा है कि देश बदल रहा है। देश के लोगों का जीवन बेहतर करने का जिम्मा नीति आयोग नाम की नई संस्था को दिया गया है। मगर दिलचस्प यह है कि नीति आयोग काम तो करता है देश के लिए पंचवर्षीय योजनाएं बनाने वाले योजना आयोग की बिल्डिंग में ही। लेकिन अब वह पांच की बजाय पंद्रह साल की योजना बना रहा है। इसलिए नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय ने सरकार की कमाई बढ़ाने का एक नया रास्ता खोज निकाला है। उनका सुझाव है कि किसानों पर इनकम टैक्स लगाया जाए। देबरॉय के मुताबिक, देश में किसान अच्छी-खासी आमदनी करते हैं लेकिन आय कर नहीं चुकाते हैं। हालांकि उनको पता है कि देश क





