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गन्ने में पेड़ी प्रबन्धन

गन्ने की फसल से अधिक आर्थिक लाभ के लिए यह आवश्यक है कि उसकी पेड़ी भी ली जाये। पेड़ी फसल का प्रबन्धन यदि बेहतर ढंग से किया जाये तो इससे बावग फसल के बराबर ही उपज प्राप्त की जा सकती है।पेड़ी को अलग अलग क्षेत्रों में अलग अलग नाम से जाना जाता है जैसे रैतून, मुड़ आदि

Ø पेड़ी फसल में खेत की तैयारी, बीज तथा बीज की बुवाई का व्यय बचता है।

Ø बावग फसल से कम समय में तैयार होने के कारण इसमें सिंचाई पर कम व्यय होता है तथा नत्रजन का बेहतर उपयोग होता है।

Ø पेड़ी बावग फसल की अपेक्षा कम समय में तैयार हो जाती है अतः फसल चक्र में कम समय लगता है।

लीची की खेती

लीची (लीची चिनेंसिस) गर्मियों का उत्कृष्ट गुणवत्ता वाला एक स्वादिष्ट और रसदार फल है, जो लगभग सभी उम्र के लोगों के द्वारा पसंद किया जाता है। वानस्पतिक रूप से यह सैपिन्डाइसी कुल का सदस्य है। पारभासी, सुगंधित, स्वाद से भरपूर गूदा वाली लीची भारत में ताजे फल के रूप में लोकप्रिय है, जबकि चीन और जापान में इसे सूखे या डिब्बाबंद रूप में ज्यादा पसंद किया जाता है।

पशुओं में वाह्य परजीवी की समस्या और उनकी रोकथाम

मानव ने सभ्यता के प्रारंभ में सर्वप्रथम पशुओं को पालतू बनाकर पालना प्रारंभ किया और उसने पाया की पशुओं से बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए उनका समुचित प्रबंधन आवश्यक है। प्रारंभ काल में उसने देखा कि कुछ अन्य जीव जो उनके पालतू पशुओं पर भोजन तथा आवास के लिए आश्रित हैं, जैसे: जोंक, किलनी तथा जुयें इत्यादि और ये जीव परजीवी जन्तु कहलाये। क्योंकि ये जीव पशु शरीर के बहार ही अपने भोजन तथा आवास के लिए आश्रित हैं अतः ये वाह्य परजीवी कहे जाते हैं। वाह्य परजीवियों में प्रमुख हैं जोंक, किलनी, जुयें, माइट्स (कुट्की या चिचड़ी), पिस्सू आदि। वर्षाऋतु, अस्वच्छता, सूर्य का प्रकाश व हवा की कमी होने की

मई में किसान करें सब्जियों की खेती

सही समय पर सही फसल की बुवाई कर किसान अच्छी उपज के साथ मुनाफ़ा भी बेहतर पा सकते हैं. इसके लिए उन्हें यह भी जानना बहुत जरूरी है कि वे फसलों की बुवाई (crop cultivation) में किन फसलों को लें, जिससे उन्हें मुनाफ़ा बेहतर मिल सके. इसी कड़ी में अगर किसान सब्जियों की बुवाई करना चाहते हैं तो आज हम इसी संबंध में जानकारी देने वाले हैं कि किसान मई (may crops) में किन सब्जियों की खेती कर सकते हैं.

फूलगोभी (cauliflower farming)

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