Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

अतिरिक्त गन्ने और चीनी को ईंधन ग्रेड इथेनॉल के उत्पादन में करें डाइवर्ट

अतिरिक्त गन्ने और चीनी को ईंधन ग्रेड इथेनॉल के उत्पादन में करें डाइवर्ट

भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा आज 13 मई, 2020 को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि भारत की चीनी मिलें अपने चीनी के अधिशेष स्टॉक का दीर्घकालिक समाधान कर सकती हैं। केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को ईंधन ग्रेड इथेनॉल के उत्पादन के लिए अतिरिक्त गन्ने और चीनी को डाइवर्ट करने को कहा है।

चीनी का अधिशेष उत्पादन मिलों के लिए सिरदर्द बना रहा है। चीनी की बिक्री पर इसका गहरा असर होता है और कीमतें घटने लगती हैं। नतीजन इससे जुड़े सभी कारोबारियों और किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ता है।

गन्ने की फसल में पायरिला कीट की रोक-थाम के लिये गन्ना विकास विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

गन्ने की फसल में पायरिला कीट की रोक-थाम के लिये गन्ना विकास विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

प्रदेष के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, श्री संजय आर.

गन्ने की फसल को खतरा अमेरिकी मूल का विनाशकारी कीट फाल आर्मी वर्म

गन्ने की फसल को खतरा अमेरिकी मूल का विनाशकारी कीट फाल आर्मी वर्म

लॉकडाउन के चलते जहां समूचे देश में मुसीबत खड़ी है तब किसान ने एक बार अहसास कराया कि वह देश की अर्थव्यवस्था की मूल अक्ष हैं।लेकिन ईश्वर भी किसानों की परीक्षा लेता ही रहता है अभी प्रदेश के सभी किसानों का गन्ना चीनी मिल तक पहुंच नही पाया कि गन्ने में एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है।
गन्ने की फसल को खतरा पैदा हो गया है। अमेरिकी मूल का विनाशकारी कीट फाल आर्मी वर्म गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है।

बैंगन की व्यावसायिक खेती

भारत में उगाई जाने वाली सब्जियों में बैगन एक प्रमुख सब्जी है।इस क्षेत्र से बैंगन पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान आदि जैसे सुदूर क्षेत्रों को बिक्री हेतु भेजा जाता है। जनपद बरेली में ही बैंगन की खेती के अंतर्गत लगभग 2300 हेक्टेयर क्षेत्र है। कुछ वर्षों पहले बैगन को केवल गरीबों की सब्जी माना जाता था। लेकिन अब बैंगन के विभिन्न व्यंजन बऩने लगे हैं व इसके विभिन्न रंगों के फलों वाली प्रजातियां उपलब्ध होने के कारण, बाजार में बैंगन की मांग बहुत बढ़ गई है। बैगन हमारे मुख्य भोजन के रूप में होटलों रेस्टोरेंटो, ढाबों व विभिन्न शादी-ब्याह, पार्टी आदि में बैगन का भरता,

Pages