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आम की उन्नत काश्त

भारतवर्ष का सर्वसुलभ एवं लगभग प्रत्येक प्रान्त में सरलता से उगाया जा सकने वाला फल आम है। इसके स्वाद, सुगन्ध एवं रंग-रूप के कारण इसे फलों का राजा कहा जाता है। आम के पके हुये फल स्वादिष्ट, पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। ताजे़ पके फल के उपयोग के अतिरिक्त आम के फलों से अनेक परिरक्षित पदार्थ बनाये जाते हैं, जैसे - कच्चे फलों से अचार, अमचूर तथा पके फलो से स्क्वैश, जूस, शर्बत, जैम, अमावट आदि। अधिकतम आय के लिये आम के बागीचे वैज्ञानिक तकनीकी के प्रयोग से करें. 
मृदा एवं जलवायु: 

विभिन्न महीनों में पशुपालन से सम्बन्धित कार्य

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विभिन्न महीनों में पशुपालन से सम्बन्धित कार्य

 पशुपालन कार्य
वर्ष के विभिन्न महीनों में पशुपालन से सम्बन्धित कार्य (पशुपालन कलेण्डर) इस प्रकार हैं-

अप्रैल (चैत्र)
*1. खुरपका-मुँहपका रोग से बचाव का टीका लगवायें। 
*2. जायद के हरे चारे की बुआई करें, बरसीम चारा बीज उत्पादन हेतु कटाई कार्य करें। 
*3. अधिक आय के लिए स्वच्छ दुग्ध उत्पादन करें। 
*4. अन्तः एवं बाह्य परजीवी का बचाव दवा स्नान/दवा पान से करें।

रोजगार और समृद्धि के लिए कारगर है रामबांस की खेती

अमेरिकन मूल का पौधा सिसल (अगेव) जिसे भारत में खेतकी तथा रामबांस कहते है। आमतौर पर सिसल को शुष्क क्षेत्रों में पशुओं और जंगली जानवरों से सुरक्षा हेतु खेत की मेड़ों पर लगाया जाता रहा है। अनेक स्थानों पर इसे शोभाकारी पौधे के रूप में भी लगाया जाता है। परन्तु अब यह एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक रेशा प्रदान करने वाली फसल के रूप में उभर रही है। इसकी पत्तियों से उच्च गुणवत्ता युक्त मजबूत और चमकीला प्राकृतिक रेशा प्राप्त होता है।  विश्व में रेशा प्रदान करने वाली प्रमुख फसलों में सिसल का छटवाँ स्थान है और पौध रेशा उत्पादन में दो प्रतिशत की हिस्सेदारी है। वर्त्तमान में हमारे देश में लगभग 12000 टन सिसल रेशे क

राजस्थान के किसानों का होगा लोन का आधा ब्याज माफ

राजस्थान के किसानों का होगा लोन का आधा ब्याज माफ

राजस्थान में किसानों को कर्ज चुकाने पर ब्याज में 50 फीसदी तक की छूट दी है. सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बताया कि यह योजना 30 अप्रैल तक लागू रहेगी. एक जुलाई, 2016 को 10 वर्ष से अधिक के अवधि पार कर्ज लिए हुए किसानों को बकाया अवधि पार पैसा जमा कराने पर ब्याज में 50 फीसदी छूट मिलेगी.

किलक के अनुसार 6 वर्ष से अधिक लेकिन 10 वर्ष तक के अवधि पार लेनदार किसानों को 40 फीसदी और एक साल से ज्यादा लेकिन 6 साल तक के अवधि पार किसानों को 30 फीसदी छूट मिलेगी. सहकारिता मंत्री ने बताया कि इस योजना में किसानों के दण्डनीय ब्याज और वसूली खर्च की राशि को माफ किया गया है.

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