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'ताइवान रेड लेडी पपीता लाभकारी

taiban papaya

'ताइवान रेड लेडी' अब राज्य के किसी भी खेत में देखी जा सकती है । ताइवान रेड लेडी पपीता की सबसे अच्छी किस्म है । राज्य में फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए इस प्रजाति को बढ़ावा दिया जा रहा है ।

 

 

इस किस्म को किसान कृषि विभाग की नर्सरी या अन्य चुनिंदा नर्सरी से प्राप्त कर सकते है । यह सभी तरह की मिट्टी के लिए उपयुक्त है । इस किस्म के पौधे किसानों को अनुदानित दर यानी 8.25 रुपये प्रति पौधे की दर पर मिलेंगे । इस ताइवानी पपीते प्रजाति के पौधे की गुणवत्ता तय करने की जिम्मेवारी उद्यान सहायक निदेशक की होगी ।

फलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने पपीता की खेती को प्रोत्साहित करने की कार्ययोजना बनायी है. इसके तहत पपीते की सबसे अच्छी किस्म ‘ताइवान रेड लेडी या ताइवानी पपीता’ की खेती राज्य में शुरू होने जा रही है. इस किस्म के पौधे किसानों को अनुदानित दर यानी 8.25 रुपये प्रति पौधे की दर पर मिलेंगे. इसे किसान कृषि विभाग की नर्सरी या अन्य चुनिंदा नर्सरी से प्राप्त कर सकते हैं । अगर किसी नर्सरी में पौधों की गुणवत्ता मानक के अनुसार नहीं हुई, तो संबंधित नर्सरी को कृषि विभाग की तरफ से मिले अनुदान के रुपये वापस करने होंगे ।

 

 

किसान खरीदे गये ताइवानी पपीते की राशि का भुगतान 80:20 के समानुपात में कर सकते हैं | किसान के खेतों का भौतिक सत्यापन करने के बाद दूसरी किस्त उत्पादन शुरू होने के बाद देना होगा । इस पपीते की खासियत अन्य पपीतों से बिल्कुल अलग है । इस प्रजाति में सामान्य पौधों की अपेक्षा 97-99 प्रतिशत तक फल आता है । इसका एक पौधा सामान्य प्रजाति के तीन पौधों के बराबर है । इस प्रजाति में एक साल में फल आते है, जबकि दो-ढाई साल तक फलदाई रहता है । इसमें एक हेक्टेयर के लिए 50 ग्राम बीज डाला जाता है । इस प्रजाति के पपीते की खेती से इसका उत्पादन काफी बढ़ेगा ऐसी संभावना है ।

साभार कृषि भूमि