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किसान

कृषि खेती और वानिकी के माध्यम से खाद्य और अन्य सामान के उत्पादन से सम्बंधित है। कृषि एक मुख्य विकास था, जो सभ्यताओं के उदय का कारण बना, इसमें पालतू जानवरों का पालन किया गया और पौधों (फसलों) को उगाया गया, जिससे अतिरिक्त खाद्य का उत्पादन हुआ। इसने अधिक घनी आबादी और स्तरीकृत समाज के विकास को सक्षम बनाया। कषि का अध्ययन कृषि विज्ञान के रूप में जाना जाता है जो लोग कृषि के कार्य को करके अपनी जीविका उपार्जन करते है उन्हें किसान कहते है 
किसानो को निम्न बिन्दुओ से भी जाना जा सकता है 

1. जो फसलें उगाते हैं।

2. कृषक (farmer)

3. खेतिहर – खेती करने वाला।

4. जो खेत और फसल में अपना योगदान देते हैं।

5. जिनके पास स्वयं के खेत है और दूसरे कामगारों से काम करवाते हैं, किसान हैं।

6. किसान खेतों में पसीना बहाकर अन्न उपजाते हैं

पीएम किसान योजना में अब तक 2 करोड़ किसानों के रजिस्ट्रेशन, कांग्रेस शासित राज्य और प. बंगाल को योजना पर बेरुखी

पीएम किसान योजना में अब तक 2 करोड़ किसानों के रजिस्ट्रेशन, कांग्रेस शासित राज्य और प. बंगाल को योजना पर बेरुखी

किसान सम्मान निधि के लिए 20 फरवरी तक 2 करोड़ से ज्यादा किसानों के रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर किसान बीजेपी शासित राज्यों के हैं। योजना के तहत छोटे एवं सीमांत किसानों को सालना 6 हजार रुपये मिलने हैं। हालांकि, उन राज्यों के किसानों के पौ बारह होने वाले हैं जिनकी सरकारों ने पहले से ही इस तरह की योजना चला रखी है। इनमें आंध्र प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्य शामिल हैं। 

किसानों के लिए मुसीबत बना लौटता मानसून, कटाई के लिए खड़ी फसल को हो रहा नुकसान

किसानों के लिए मुसीबत बना लौटता मानसून, कटाई के लिए खड़ी फसल को हो रहा नुकसान

उत्तर भारत में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों के लिए मुसीबत हो गई है। कटाई के लिए खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। खासकर धान, कपास, सोयाबीन व उड़द की फसल को। बारिश के कारण किसानों के चेहरे पर चिंता साफ देखी जा सकती है। इस बारिश से किसानों को 20 से 25 फीसदी नुकसान होने की आशंका है।

वर्षभर में दो बार खेती की जा सकती है स्वीट कॉर्न की खेती

स्वीट कॉर्न की खेती

शॉपिंग मॉल में फिल्म देखते समय ब्रेक के दौरान आपने भुट्टे का स्वाद जरूर चखा होगा। बिल्कुल उसी स्वीट कॉर्न की बात कर रहे हैं, जो प्रति प्लेट लगभग 80 रुपये मिलता है। शक्कर के दाने की तरह मीठा यह भुट्टा कहीं बाहर से नहीं, बल्कि एग्रीकल्चर विवि समेत प्रदेश के कुछ जिलों से लाया जाता है। ट्रायल के तौर पर पिछले दो वर्ष से विवि में संचालित सुनियोजित कृषि विकास केन्द्र (पीएफडीसी) के तहत स्वीट कॉर्न फसल लगाई गई है। इसके दाने शक्कर की मिठास से कम नहीं हैं। हालांकि अनुसंधान कार्य के अंतर्गत चल रही इस योजना को लेकर किसान काफी उत्साहित हैं। वहीं पीएफडीसी के प्रमुख अन्वेषक डॉ.

अब गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने भी माना कि कोरॉजन के प्रयोग से गन्ना किसानों को होगा नुकसान

अब गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने भी माना कि कोरॉजन के प्रयोग से गन्ना किसानों को होगा नुकसान

किसान हेल्प के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.आर.के. सिंह ने जो बात 4अक्टूबर 2015 को अपने के किसान  जागरूपता अभियान में कही आज वही बात उत्तर प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त  श्री संजय आर. भूसरेड्डी ने कही । डॉ.आर.के. सिंह ने कोराजन को  जीवन और जमीन दोनों के लिए घातक बताया था ।उन्होंने कोराजन से होने वाले नुकसान तथा कुछ किसानों के प्रत्यक्ष प्रमाण भी दिय जिन्होंने अपनी जमीन को सुधारने के लिए डॉ.आर.के.सिंह से सलाह ली और कोराजन के दुष्प्रभाव से बचाया । 
 

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