Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

योगी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों की कर्ज माफी का वादा पूरा

योगी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों की कर्ज माफी का वादा पूरा

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खबर है. योगी मंत्रिमंडल की पहली कैबिनेट में किसानों की कर्ज माफी कर दी गई है. चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री ने वादा किया था कि बीजेपी सरकार के कैबिनेट की पहली बैठक में कर्जा माफ कर दिया जाएगा. योगी सरकार ने यह वादा पूरा कर दिया है. वादा लघु और सीमांत किसानों के बारे में ही था. स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि यूपी में दो करोड़ 15 लाख लघु और सीमांत किसान हैं. इन किसानों का 30,729 करोड़ रुपये का ऋण माफ कर दिया गया है. इन किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ किया जाएगा. जिन लोगों ने एक लाख तक की फसली ऋण लिया है उनके खाते से इतनी राशि माफ कर दी जाएगी. इसके अलावा सात लाख किसानों का एनपीए भी माफ होगा. यानी जो लोन किसान देने की हालत में नहीं हैं वह भी माफ कर दिया गया. सात लाख किसानों का एनपीए एमाउंट 5630 करोड़ माफ कर दिया गया है. कुल मिलाकर योगी सरकार ने 36, 359 हजार करोड़ किसानों का कर्ज़ा माफ कर दिया है.
 
फसली ऋण मतलब बीज खाद के लिए लिया गया कर्ज होता है. यह बहुत बड़ी राशि है. हर तरह के बैंक इसमें शामिल हैं. लेकिन जिन किसानों ने बैंक, सहकारी बैंक, ग्रामीण बैंक से लोन लिया है उनका माफ होगा. जिन्होंने महाजन से लिया है उनका नहीं होगा. 36 हजार करोड़ की राशि कहां से आएगी इसके लिए मुख्य सचिव की कमेटी रास्ता खोजेगी. मगर सिद्धार्थनाथ सिंह ने साफ-साफ कहा है कि यह माफी इसी वित्त वर्ष में होगी. बजट में राशि मंजूर होते ही माफी शुरू हो जाएगी. इसके अलावा योगी सरकार ने यह भी फैसला किया है कि
यूपी में गेहूं खरीद के पांच हजार केंद्र बनाए जाएंगे. किसानों के लिए पानी और छांव की व्यवस्था की जाएगी. खरीद केंद्रों पर पैसा सीधा किसानों के खाते में जाएगा. 80 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा गया है. न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपये के अलावा हर क्विंटल पर दस रुपये अलग से मिलेंगे. आलू किसानों की समस्या के समाधान के लिए एक कमेटी बनी है.