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कामधेनू डेयरी योजना

कामधेनू डेयरी योजना (100 दुधारू पशु गाय/भैंस)

 

 परिचयः

  • उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश है।
  • यद्यपि प्रदेश वर्ष 2013-14 में 241.939 लाख मीट्रिक टन दुग्ध उत्पादन कर देश में प्रथम स्थान पर है। लेकिन अन्य प्रदेशो की तुलना में प्रदेश में प्रति पशु दुग्ध उत्पादकता कम है, जिसका मुख्य कारण प्रदेश में उच्च गुणवत्ता युक्त पशुओंकी संख्या का कम होना है।
  • उच्च गुणवत्ता युक्त पशुधन की कमी को दृष्टिगत रखते हुये प्रदेश सरकार द्वारा उच्च गुणवत्ता के 100 दुधारू पशुओ की डेयरी यूनिट स्थापित करने की योजना पारम्भ की गई है। जिसके माध्यम से पशु पालन के क्षेत्र में उद्यमिता केविकास हेतु ब्याज मुक्त कामधेनू  इकाईयां स्थापित की जायेगी।  योजना में पशुधन का क्रय प्रदेश के बाहर से किया जायेगा।
  • योजना अन्तर्गत 425  कामधेनू डेयरी इकाईयो की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिनकी स्थापना 31 मार्च 2015 तक किया जाना निर्धारित है।

 

   योजना के उद्देश्य :

  • प्रदेश में उच्च उत्पादन क्षमता के पशुओं की उपलब्धता एवं उत्पादन सुनिश्चित करना।
  •  प्रदेश में उच्च उत्पादक दुधारू पशुओं के सेन्टर आफ एक्सेलेन्स निर्मित करना ।
  •  पशुपालकों को भविष्य में उच्च गुणवत्ता के पशुओं की प्रदेश में ही उपलब्धता सुनिश्चित करना। 

 

  योजना के मुख्य बिन्दु

 

  • योजनान्तर्गत प्रदेश में 100 दुधारू गाय/भैंसों की  डेयरी इकाईयां स्थापित की जायेगी।
  • दुधारू गायों में संकर जर्सी, संकर एच0एफ0 अथवा साहीवाल प्रजाति की गाय तथा भैंसों में मात्र मुर्रा प्रजाति की भैंस ही रखी जायेगी।
  • 100 दुधारू पशुओं की एक यूनिट स्थापित करने हेतु पशुपालक अपनी सुविधानुसार यह स्वयं निर्णय ले सकेगा कि यूनिट में समस्त गाय अथवा  भैंसें रखनी है अथवा गायें एवं भैंसें दोनो कितनी-कितनी संख्या में रखनी है। परन्तु इकाई मेंगोवंश एक ही प्रजाति का होना अनिवार्य है।
  • पशुओं का क्रय प्रदेश के बाहर से किया जायेगा।
  • लाभार्थी के पास निर्माण आदि कार्यो के लिये आवश्यक भूमि के अतिरिक्त कम से कम दो एकड़ भूमि होना आवश्यक है।
  • एक इकाई की कुल लागत रू0 120.51 लाख है, जिसमें 100 दुधारू पशुओं का क्रय तथा पशु गृहो,भूसा गोदाम, गोबर गैस प्लान्ट, फीड मिक्स प्लान्ट आदि का निर्माण सम्मिलित है।
  • यूनिट की पूर्ण लागत की 25 प्रतिशत यथा धनराशि रू0 30.13 लाख लाभार्थी द्वारा मार्जिन मनी के रूप में स्वयं वहन करनी होगी एवं अवशेष 75 प्रतिशत यथा धनराशि रू0 90.38 लाख बैंक ऋण के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।
  • योजना लागत के 75 प्रतिशत पर या लाभार्थी द्वारा बैंक से प्राप्त किये गये ऋण, जो भी कम हो, 12 प्रतिशत ब्याज की दर से अधिकतम रू0 33.00 लाख की धनराशि की प्रतिपूर्ति 5 वर्षों (60 माह) तक प्रदेश सरकार  द्वारा की जायेगी।
  • पशुपालन विभाग उ0प्र0 में योजना के लिये एक नोडल अधिकारी नामित है जिनका सम्पर्क सूत्र 0522-2740010 एवं ईमेल [email protected] है।

 

  योजना की लागत :

 

  1. पूंजीगत व्यय : पशुओ का क्रय
  2. 100 दुधारू पशु, 1 मुर्रा सांड-परिवहन एंव बीमा सहित)          रू0 7882720.00
  3. अवस्थापना व्यय :
  4. पशु गृह, भूसा गोदाम,साइलो पिट एवं अन्य भवन)             रू0 1856000.00
  5. उपकरण पर व्यय
  6. पावर चेफ कटर, ग्राइन्डर कम फीड मिक्स प्लान्ट,
  7.  गैस प्लान्ट,जेट पम्प एंव मिल्किंग मशीन आदि)          रू0 2312500.00
  8.  योग (1+2+3)                                    रू0 12051220.00
  9. अर्थात रू0 120.51 लाख