मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों में कमी, कम हो सकती है पैदावार

मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्वों में कमी, कम हो सकती है पैदावार

देश में मिट्टी की स्थिति चिंताजनक है। हाल ही में कृषि विभाग की मदृा परीक्षण रिपोर्ट में यह सामने आया है कि यहां मिट्टी से कार्बनिक तत्व, जिंक, आयरन और मैग्नीज करीब 50 फीसदी तक कम हो चुके हैं। इसका असर आने वाली फसलों की पैदावार पर पड़ेगा। खासबात यह है कि यह स्थिति उस वक्त है, जब शासन पूरे प्रदेश में किसान को द्वारा मृदा परीक्षण कराने पर जोर दे रहा है।

 

हेल्थ कार्ड के जरिए मृदा परीक्षण कराने को लेकर व्यापक प्रचार प्रयास किए जाने की बात भी कृषि विभाग कर रहा है, बावजूद इसके नतीजा ढाक के वही तीन पात ही नजर आ रहा है। मृदा परीक्षण रिपोर्ट की माने तो पिछले साल संभाग के महज 12 फीसदी किसानों ने सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच कराने में रुचि दिखाई। इस साल इस वर्ष अप्रैल से सितंबर तक सिर्फ छह फीसदी किसान इसके लिए तैयार हुए।

 

यह स्थिति लगातार दो साल से है। दमोह और टीकमगढ़ से सिर्फ 30 किसानों ने ही जागरूकता दिखाई है। सागर जिले से लक्ष्य के मुताबिक लगभग दस फीसदी किसानों ने मृदा परीक्षण कराया है। वहीं कृषि अधिकारियों का कहना है कि मृदा परीक्षण नहीं कराने के लिए किसान खुद दोषी हैं।

 

40 रुपए है परीक्षण का शुल्क

मृदा परीक्षण के ताजे सर्वे में यह बात सामने आई है कि संभाग के किसान सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच कराने को तैयार नहीं होते। मृदा परीक्षण दो तरह से होता है। एक मुख्य पोषक तत्वों की जांच पर आधारित है, जिसका शुल्क एक रुपए निर्धारित है। जबकि सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच के लिए 40 रुपए शुल्क लिया जाता है।

यह होनी चाहिए पोषक तत्व की मात्रा

मिट्टी में जस्ते (एल्युमिनियम) की मात्रा 0.5 पीपीएम होना चाहिए, लेकिन सैंपल में जस्ता की 0.3 पीपीएम तक की कमी आई है। मग्नीज 0.2 पीपीएम होना जरूरी है, लेकिन इसमें भी 0.1 पीपीएम की कमी है। तांबा 0.2 पीपीएम होना चाहिए, लेकिन मिट्टी से तांबा गायब है। लोहा 4.5 पीपी होना चाहिए, लेकिन इसमें 0.2 पीपीएम की कमी आई है।

 

पोषक तत्वों की कमी का फसलों पर असर

तांबा की कमी से फसल के पौधों की पत्तियां गिरने लगती हैं। रंग नीला व पीला पडऩे लगता है। पत्तियां तने की ओर झुक जाती हैं।

मेग्नीज-इसकी कमी से पत्तियां झडऩे लगती हैं। पत्तियां हरी होने के बाद पीली होने लगती हैं। शिराओं का पूरा तंत्र जाल दिखाई देने लगता है।

 

जिंक-इसकी कमी से पत्तियां पीली व शिराएं हरी हो जाती हैं। भूरें रंग के धब्बे पत्तियों पर पडऩे लगते हैं।

 

कार्बन-यह प्राकृति तत्व जीवांश में पाया जाता है। इसकी कमी से पूरा पौधा प्रभावित होता है। मिट्टी कड़ी होने से जड़ों का संचार पूरी तरह से नहीं हो पाता। आयरन- इसकी कमी से भी पौधे की पत्तियां झडऩे लगती हैं। पत्तियां हरी के बाद पीली होने लगती हैं। शिराओं का पूरा तंत्र जाल दिखाई देने लगता है।