Error message

  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).
  • Deprecated function: Using ${var} in strings is deprecated, use {$var} instead in include_once() (line 1065 of includes/theme.inc).

किसानों को तोहफा देगी मोदी सरकार! PMFBY में हो सकते हैं ये बदलाव

किसानों को तोहफा देगी मोदी सरकार! PMFBY में हो सकते हैं ये बदलाव

मोदी सरकार किसानों को एक बड़ा तोहफा दे सकती है. दरअसल, सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में कुछ बड़े बदलाव करने की तैयारी में है. इस बदलाव का फायदा देश के लाखों किसानों को मिल सकता है.

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जल्‍द ही किसानों के लिए फसल बीमा को स्‍वैच्छिक बनाने का फैसला लिया जा सकता है. अगर ऐसा होता है तो किसानों के लिए यह राहत की बात होगी. वर्तमान में इस बीमा योजना के तहत किसानों का नामांकन अनिवार्य है.

इसके अलावा सरकार सभी किसानों के लिए ऊंचे प्रीमियम वाली फसलों को हटाने, राज्यों को विशिष्ट ग्राहक की जरूरत के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए लचीलापन पर जोर देना चाहती है. एक सरकारी अधिकारी ने न्‍यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘पीएमएफबीवाई क्रियान्वयन के सातवें सत्र में है. इस योजना के क्रियान्वयन के दौरान कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा. मंत्रालय ने इस खामियों की पहचान की है और कई बदलावों का प्रस्ताव किया है. इस पर राज्य सरकारों से विचार मांगे गए हैं. मंत्रालय ने कई बदलावों का सुझाव दिया है इसमें कर्ज लेने वाले किसान सहित सभी किसानों के लिए इस योजना को स्वैच्छिक बनाना भी शामिल है. ''

बता दें कि पीएमएफबीवाई योजना की शुरुआत अप्रैल, 2016 में की गई थी. इसका मकसद किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को फसल के नुकसान की भरपाई करना है. यह योजना जलवायु परिवर्तन और अन्य जोखिम से खेती को नुकसान से बचाने का एक बड़ा माध्यम है. योजना के तहत कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान को कम दर पर बीमा कवर दिया जाता है. जिन किसानों ने खेती के लिए ऋण नहीं लिया है वे भी इसका लाभ ले सकते हैं.