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बैंक खाते में सीधे जाएगी बीज सब्सिडी

sucidy

रबी सीजन में उन्नत बीजों पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। रबी सीजन की फसलों के उन्नत किस्म के बीजों पर सब्सिडी का भुगतान परंपरागत तरीके से किया जाता है। बीज वितरण की इस पुरानी प्रणाली से न तो किसान खुश हैं और न ही बीज कंपनियां। स्टाफ की कमी से जूझ रही राज्य सरकारों के लिए भी बीज वितरण एक कठिन चुनौती है। इन्हीं मुश्किलों व चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले बीज वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। इसी के तहत बीजों पर दी जाने वाली सब्सिडी सीधे संबंधित किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सरकार के इस फैसले से किसानों को सीधे लाभ मिलने की संभावना है। लेकिन आंकड़ों और दस्तावेजी तथ्यों की खामियों के चलते कुछ चुनौतियां भी हैं। इसके लिए सरकार दूसरी हरितक्रांति वाले क्षेत्रों में सीधे सब्सिडी देने की योजना को प्रायोगिक तौर पर शुरू करेगी। सब्सिडी के सीधे खाते में आने से किसानों को अपनी पसंद के उन्नत किस्म के बीज खरीदने की छूट होगी। बीजों की खरीद की रसीद की प्रति जमा करनी होगी। इसके आधार पर संबंधित किसान के बैंक खाते में सब्सिडी जमा करा दी जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार चालू रबी सीजन में योजना को फिलहाल पूर्वी जिलों में लागू करेगी। पिछले सप्ताह राजधानी दिल्ली में आयोजित रबी सम्मेलन के दौरान बैंक खातों में जमा कराने के प्रस्ताव की कुछ खामियां भी गिनाई गईं। महंगे बीजों के किसानों के बजाय बाजार में पहुंचने का खतरा है। सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव ने राज्यों में ब्लॉक स्तर पर स्टाफ की कमी से होने वाली मुश्किलों का जिक्र किया। फिलहाल किसानों के लिए खुले बाजार से महंगे उन्नत बीज खरीदना संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में नकद सब्सिडी मिल जाने पर किसानों को सहूलियत होगी। प्रस्तावित तरीके से उन्नत बीजों की जरूरत के बाबत किसानों को पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके लिए स्थानीय लोकवाणी केंद्र, साइबर कैफे व ब्लॉक स्तरीय सरकारी कार्यालयों का सहारा लिया जा सकता है।

 

साभार नई दुनिया