बारिश से बर्बाद हुई फसल, भंडारण केन्द्र में अनाज भीगा

 बेमौसम बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। इधर खेतों व खलिहानों में रखी गेहूं व चने की फसल बारिश से भीग गई है। रुक-रुक कर हो रही के वर्षा के चलते खलिहानों में रखी फसल की गहाई नहीं हो पा रही। दूसरी ओर किसान खेतों में पड़ी फसल भी नहीं समेट पा रहे हैं। वहीं बारिश से भंडारण केन्द्र में भीगी धान धूप में पसीज रही है। खराब हो रही धान की री पैकिंग की जा रही है। भंडारण केन्द्र से तेजी से मिलिंग के लिए धान का उठाव किया जा रहा है। हालांकि जिम्मेदार पुराने स्टॉक के भीगने की बात कर लापवाही के मामले में पल्ला झाड़ रहे हैं। जिला विपणन अधिकारी देवेन्द्र यादव की मानें तो औपन कैप में करीब 1

:बैसाखी फसल पकने की खुशी का प्रतीक

बैसाखी का त्यौहार आते ही पूरे देश में हरियाली व खुशहाली छा जाती है. वसंत ऋतु के आगमन की खुशी में बैसाखी मनाई जाती है. बैसाखी मुख्यतः: पंजाब या उत्तर भारत में हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है, लेकिन भिन्न-भिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न नाम (बैसाख, बिशु, बीहू व अन्य) से जाना जाता है. यह त्यौहार अक्सर 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है. बैसाखी रबी की फसल के पकने की खुशी का प्रतीक है.

भारतीय कृषि की समस्याएँ

भारतीय कृषि की समस्याएँ

भारत कृषि प्रधान देश है, परन्तु यहाँ कृषि की दशा सन्तोषजनक नहीं है। कृषि उत्पादन में वृद्धि पूर्व में जनवृद्धि दर से भी कम रही। इसी कारण 1975 तक देश की खाद्य समस्या जटिल बनी रही। निम्न स्तर पर सीमित विकास के बावजूद आज भी भारतीय कृषि परम्परावादी है। भारतीय किसान खेती व्यसाय के रूप में नहीं करता है, बल्कि जीविकोपार्जन के लिये करता है। कृषि की पुरानी परम्परागत विधियों, पूंजी की कमी, भूमि सुधार की अपूर्णता, विपणन एवं वित्त संबंधी कठिनाइयों, आदि के कारण भारतीय कृषि की उत्पादकता अत्यन्त न्यून है। अब नई पीढ़ी में शिक्षा एवं कृषि को कमाई का साधन मानने की प्रर्वति से भी कृषि एवं कृषक की आर्थिक दशा म

उत्‍तर भारत में खरीफ मौसम में प्‍याज की खेती

उत्‍तरी भारत में प्‍याज रबी की फसल है यहां प्‍याज का भंडारण अक्‍टूबर माह के बाद तक करना सम्‍भव नही है क्‍योकि कंद अंकुरित हो जाते हैं।

इस अवधि‍(अक्‍टूबर से अप्रैल) में उत्‍तर भारत में प्‍याज की उपलब्‍ध्‍ता कम होने तथा परिवहन खर्चे के कारण दाम बढ जाते हैं। इसके समाधान के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने उत्‍तर भारत के मैदानो में खरीफ में भी प्‍याज की खेती के लिए एन-53(N-53) तथा एग्रीफाउंड डार्क रैड नामक प्‍याज की किस्‍मों का विकास किया है।

प्‍याज की किस्‍म : एन-53(आई.ए.आर.आई.); एग्रीफाउंड डार्क रैड (एन.एच.आर.डी.एफ.)

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