फायदेमंद है गर्मी में लौकी की खेती

लौकी अत्यंत स्वास्थ्यप्रद सब्जी है जिसकी खेती इस क्षेत्र में परवल की ही तरह प्रमुखता से की जा रही है। गर्मी में तो इसकी खेती विशेष रूप से फायदेमंद है। यही वजह है कि क्षेत्रीय किसान ग्रीष्मकालीन लौकी की खेती बड़े पैमाने पर किए हैं। बैरिया निवासी अवकाश प्राप्त कैप्टन व खेती के जानकार प्रभुनाथ सिंह ने लौकी की ग्रीष्मकालीन खेती से जुड़ी तमाम जानकारियां दीं।

उन्नतशील किस्में

पूसा समर प्रोलिफिक राउंड : इसके फल गोलाकार हरे रंग के होते हैं। इसकी पैदावार 200 से 250 कुंतल प्रति हेक्टेयर होती है।

बेमौसम बरसात व चौपट फसल की मार झेलने वाले किसानों का मुआवजा बढ़ाएगी सरकार: जेटली

देश भर में बेमौसम बरसात और फसल चौपट होने के दोहरे मार को झेल रहे किसानों को राहत देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को कहा की केंद्र सरकार विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित किसानों को न्यायसंगत व अधिक मुआवजा दिलवाने का प्रयास कर रही है.

राजस्थान के तिमेली में किसानों से बातचीत करते हुए अरुण जेटली ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को हुए भारी नुकसान से काफी चिंतित हैं और इसीलिए सरकार पूरी कोशिश करेगी की बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि तथा चौपट हुए खड़ी फसलों की मार झेलने वाले किसान भाई बहनों को उचित मुआवजा मिले.

साडा वीर का किसान जागरूकता समारोह

sada veer

साडा वीर ग्रुप की ओर से किसानो को जगरूप करने का अभियान चलाया गया जिसमे सव्जिया करने बाले किसानो को जैविक खाद के बारे में जानकारी दी गई  कम्पनी के प्रतिनिधि ने खीरा ,मिर्च ,शिमला मिर्च ,लौकी, काली तोरई ,टमाटर ,बैंगन , आदि सब्जियो पर साडा वीर के लाभों के बताया की किस तरह से किसान भाई कम लागत पर अच्छा मुनाफ़ा कमाँ  सकते है  साडा वीर एक जैविक खाद है उससे उत्त्पादित फसलें शरीर पर दुष्प्रभाव  नही डालती है  साडा वीर की मदद से अच्छी फसल ली जा सकती है

मनगढ़ंत आंकड़ों से आर्गेनिक खेती को बढ़ाकर दिखाने की कोशिश

आर्गेनिक खेती

देश में आर्गेनिक खेती के आंकड़ों पर क्रॉप केयर फांउडेशन ऑफ इंडिया (सीसीएफआई) ने सवाल खड़े किए हैं। सीसीएफआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है कि भारत में आर्गेनिक खेती मनगढ़ंत आंकड़ों पर आधारित है। सरकार ने आंकड़ों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की है ताकि सरकारी रिकॉर्ड में आर्गेनिक खेती को बनावटी तौर पर बढ़ाया जा सके। सीसीएफआई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसकी शिकायत करते हुए जांच की मांग की है।

सीसीएफआई ने आंकड़ों में हेराफेरी का खुलासा ऐसे समय में किया है जब केरल सरकार 6-8 नवंबर को कोच्चि में आर्गेनिक खेती पर एक अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का आयोजन कर रही है।

Pages