पेड़-पौधे भी करते हैं बातें!

पेड़-पौधे भी करते हैं बातें!

मनुष्यों की तरह पेड़-पौधे भी आपस में बातें करते हैं। एक वैज्ञानिक ने खोज के तहत पौधों के बीच संचार के एक नए रूप की खोज की है, जिसमें वे एक दूसरे के साथ असाधारण अनुवांशिक जानकारियों को साझा करते हैं। वर्जीनिया पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट एंड स्टेट यूनिवर्सिटी में कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर एंड लाइफ साइंस के प्रोफेसर जिम वेस्टवुड ने कहा, कि इस खोज से विश्व के निर्धन देशों में फसलों पर कहर बरपा रहे परजीवी घासों से भी लड़ने में मदद मिलेगी।

सस्ते में उगाएं महंगी सब्जी

kitchen garden

यदि आप आए दिन बढ़ते घटते सब्जी के भाव से परेशान है तो हम आपको सलाह देंगे कि आप घर में ही सब्जी उगाना शुरू कर दीजिये.

लहसुन

अत: लहसुन उगाने के लिए आप को 10 इंच की गहराई वाले गमले और धूप की जरूरत होगी. गमले में मिट्टी भर कर उसे गीला कर लें. फिर लहसुन की कलियों को बिना छीले 4-4 इंच की दूरी पर गाड़ दें. हफ्ते भर में आप को हरे पत्ते उगते नजर आएंगे.

अदरक

उन्नत कृषि और खुशहाली के लिए किसानों को बनना होगा एग्रोप्रेन्योर!

आजादी के बाद किसानों की एक बड़ी आस थी कि अब उनके दिन सुधर जाएंगें। जो कुछ किसानों के पास था अपना पुराने खेती के औजार, पुरानी खेती के तौर तरीके, पुराने देशी नस्ल के गाय- बैल, भैंस, बकरी, सादगी से भरपूर रहन-सहन और आपसी भाई-चारा। क्या उमंग, क्या जोश था।

गांवों की आबो-हवा, तालाब, हरे भरे पेड़-पौधों वाला सुनहरा मंजर मानों यूं बयां कर रहा हो कि – ‘‘चारों ओर ताल तलैया, घर बगिया की छांव हो, स्वर्ण सा सुन्दर लागे भइया आपन गांव-गिराव हो।’’ ये साबित करता है कि उन दिनों गांवों में एक अजीब ही रिश्ता और माहौल हुआ करता था।

किसानों को मिलेगी पेंशन : पीएम

prime minister

 केंद्र सरकार ने 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को 5,000 रुपए की मासिक पेंशन देने का फैसला किया है। योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है।

23 मार्च को पंजाब के हुसैनीवाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कहा, ”हमने ‘सार्वजनिक निजी भागीदारी’ (पीपीपी) मॉडल के ज़रिए किसानों को पेंशन देने का फैसला किया है। साठ साल से ज्यादा उम्र के किसान अगर इस योजना में शामिल होते हैं तो पांच हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन पा सकते हैं। यह पेंशन पात्र किसानों को चेक के ज़रिए दी जाएगी।”

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